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सेना भर्ती के नाम पर ठगे साढ़े तीन लाख रुपए

7 वर्ष पहले
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सेनामें भर्ती कराने के नाम पर ठगी करने का मामला सामने आया है। ठगी के आरोपी सिंहासन गांव के निवासी हैं, जिनके खिलाफ झुंझुनूं के मलसीसर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। दोनों की गिरफ्तारी के बाद ठगी के अन्य मामले में भी सामने सकते हैं।

पुलिस के मुताबिक दनेवा की ढाणी तन लादूसर के सुभाषचंद्र ने मलसीसर थाने में रिपोर्ट दी है कि सिंहासन के गिरधारीसिंह मोहन सिंह ने सेना में भर्ती कराने के नाम पर उससे साढ़े तीन लाख रुपए हड़प लिए। दोनों ने आर्मी उच्च अधिकारियों से सांठ गांठ होने की बात कहकर उसके बेटे को सेना में भर्ती कराने के नाम पर झांसा देकर रुपए लिए थे।

रिपोर्ट में सुभाष ने उल्लेख किया है कि प|ी का इलाज कराने वह सीकर आया था। उस दौरान उसकी मुलाकात मोहन सिंह से हुई थी। मोहन सिंह ने उसे झांसे में लेने के लिए उसकी प|ी को बहन बना लिया था।

गांव में चलती है गैंग

पुलिसका कहना है कि दोनों भाई युवकों को सेना में भर्ती कराने के लिए गैंग चलाते हैं। इनका खुद का नेटवर्क है, जिसका सरगना किराणे की दुकान चलाता है। इनमें गिरधारीसिंह पढ़ा लिखा हुआ नहीं है लेकिन दोनों इतने शातिर है कि किसी को इस बात की भनक भी नहीं लगती कि वह झांसा दे रहे हैं। यदि कोई युवा भर्ती के बारे में ज्यादा पूछताछ करता है तो छोटा भाई मोहन सिंह थोड़ा बहुत पढ़ा लिखा होने के कारण बात को संभाल लेता है और भर्ती कराने के नाम पर रुपए ऐंठ लेते हैं। यह भी सामने आया है कि दोनों का दूर दूर तक आर्मी से कोई संबंध नहीं है। इन्होंने कइयों से भर्ती के नाम पर रुपए ले रखे हैं लेकिन कोई कार्रवाई की बात करता है तो उसे रुपए भी लौटा देते हैं।

इसतरह करते हैं ठगी

पुलिसके मुताबिक दोनों भाई गैंग के साथ मिलकर सेना की तैयारी करने वाले युवाओं को झांसे में लेकर उनसे रुपए ले लेते हैं। यदि कोई युवा अपने दम पर सेना में भर्ती हो जाता है तो उसके रुपए तो रख लेते हैं और बाकियों के रुपए सेटिंग नहीं बैठने के नाम पर लौटा देते हैं या फिर दूसरी भर्ती का इंतजार करने की बात कहते हैं। बताया जा रहा है कि कुछ महीनों पहले इन दोनों ने एक थानाधिकारी के परिवार से भी सेना में भर्ती कराने के नाम पर रुपए हड़प लिए थे। हालांकि जनप्रतिनिधि द्वारा बीच बचाव करने रुपए लौटा देने के बाद अभ्यर्थी ने इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं कराया।