भाजपा के शोभ सिंह बने उप जिला प्रमुख
भाजपा में जिला प्रमुख से ज्यादा कसरत उप जिला प्रमुख का नाम तय करने में हुई। नामांकन से पहले करीब तीन घंटे तक माथापच्ची हुई। इसके बाद शोभसिंह के नाम पर मुहर लग सकी। दौड़ में ताराचंद धायल और जितेंद्रसिंह कारंगा भी थे। सुरेश शर्मा, नैना कंवर का भी एक बार नाम चला। भास्कर बता रहा है कि नाम तय करने में कौन प्रमुख किरदार रहे।
अनोखू ने की थी 150 बीघा जमीन दान | उपजिला प्रमुख शोभसिंह ने दो साल पहले 150 बीघा जमीन दान की थी। अनोखू ने बताया कि पुश्तों से सैनी परिवार खेती कर रहा था। पिताजी ने एक बार कहा था कि जब भी मौका मिले यह जमीन इन्हीं के नाम करवा देना। 2011 में जमीन सैनी परिवार के नाम करवाकर पिता की इच्छा पूरा की।
एक घंटे में नाम तय नहीं हुआ तो दो से भरवाए फाॅर्म
भाजपानेता एक घंटे की मीटिंग के दौरान उप जिला प्रमुख के लिए एक नाम तय नहीं कर पाए। आखिरकार 10.30 बजे शोभसिंह अनोखू और जितेंद्रसिंह कारंगा को नामांकन भरने के लिए रवाना किया। तय किया गया कि इन्हीं दो नामों में से एक पर फैसला करेंगे। इसी मैनेजमेंट के आधार पर इन्हें भेजा और बाद में नाम तय किया। इससे विवाद की आशंका से भी बच गए।
परिणाम की घोषणा के बाद विजयी मुद्रा में उप जिला प्रमुख शोभसिंह अन्य भाजपाई तथा कलेक्टर एलएन सोनी।
पॉलिटिकल रिपाेर्टर | सीकर
भाजपाके शोभ सिंह अनोखू सीकर के उप जिला प्रमुख चुने गए। उन्होंने रविवार को उप प्रमुख के लिए हुई वोटिंग में कांग्रेस के रामदेव सिंह खोखर को 12 वोटों से हराया। रविवार को सुबह मतदान के समय में भाजपा दो फाड़ दिखी और पार्टी की तरफ से दो लोगों शोभसिंह अनोखू जितेंद्र कारंगा ने नामांकन भर दिया।
कांग्रेस की ओर से नामांकन रामदेव सिंह खोखर ने दाखिल किया। माकपा ने भी सविता का पर्चा भरवाया। बाद में जितेंद्र सिंह ने नामांकन वापस ले लिया। दोपहर तीन बजे शुरू हुई वोटिंग में 39 में से 38 सदस्यों ने ही वोट डाले। एक निर्दलीय सदस्य दुर्गा प्रसाद खर्रा वोट डालने नहीं आए। शोभसिंह अनोखू को भाजपा के सभी 23 वोट मिल गए तो रामदेव सिंह खोखर को कांग्रेस के 11 वोट मिल पाए। सविता को भी माकपा के चार वोट मिले।
जिलाप्रमुख और उप प्रमुख धोद क्षेत्र से
जिलाप्रमुख अपर्णा रोलन और उप जिला प्रमुख शोभसिंह धोद क्षेत्र से हैं। अपर्णा रोलन हुकुमपुरा की शोभसिंह अनोखू के हैं। ये दोनों गांव धोद पंचायत समिति और विधानसभा में हैं।
उपप्रधानके परिणाम -पेज 14 पर
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शोभसिंह अनोखू | पार्टीके पूर्व जिला उपाध्यक्ष और महामंत्री रहे। लिहाजा संगठन में मजबूत धड़ा पक्ष में था। कुछ विधायक भी पक्ष में आए। रायशुमारी कराई तो राजपूत कोटा और काफी सदस्यों की सहमति बनी कारण।
ताराचंदधायल| चौथीबार चुनकर आना दौड़ में आने का कारण बना। जाट कोेटा मजबूत पक्ष और दो वरिष्ठ नेता साथ थे। लेकिन, पिछले दिनों पार्टी से बगावत करने के कारण एक धड़ा खिलाफ था। इस बार राजपूत चेहरे को मौका देने के कारण दौड़ से बाहर हुए।
जितेंद्रसिंहकारंगा | एकवरिष्ठ विधायक पैरवी कर रहे थे। सामाजिक संगठन से जुड़ाव और सक्रियता थी मजबूत पक्ष। लेकिन अनुभवी की जिला परिषद में जरूरत को देखते हुए अनोखू आगे हो गए। क्योंकि जिला प्रमुख अपर्णा राजनीति में पहली बार आई हैं।