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सियासत की बदली तस्वीर में नेता तलाश रहे हैं नई जमीन
परिसीमनऔर आरक्षण ने कई पार्षदों की जमीन खिसका दी है। अब चुनाव से नए वार्ड खोजने में जुट गए हैं। लेकिन नए वार्ड में चुनाव लड़ना भी आसान नहीं हो रहा है। क्योंकि दूसरे वार्डों में पहले से ही नेता चुनाव लड़ने को तैयार हैं। सीकर शहर में अब तक आधा दर्जन से ज्यादा ऐसे पार्षद सामने चुके हैं, जिन्हें पुराना वार्ड छोड़ना पड़ेगा। कुछ ऐसे उदाहरण भी आए हैं कि परिसीमन के कारण एक ही वार्ड में दो-दो पार्षदों के मकान गए हैं। ऐसे वार्डों में टिकट के लिए घमासान हो सकता है। दैनिक भास्कर ने कुछ ऐसे ही दिलचस्प उदाहरण खोजे हैं।
केस 4 : वार्ड35 (पुराना) के पार्षद जीवण खां का वार्ड सामान्य महिला आरक्षित होने से इन्हें नई जगह तलाश करनी पड़ रही है। जीवण खां वार्ड संख्या 29 (नया) से दावेदारी करने का प्रयास कर रहे हैं। क्योंकि यह वार्ड सामान्य है। लेकिन यहां कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष बुनियाद अली कुरैशी भी हैं।
केस5 : वार्ड45 (पुराना) के पार्षद इमरान खत्री भी नए वार्ड की तलाश में हैं। इनके पुराने वार्ड से दो नए वार्ड 49 और 50 बनाए गए हैं। वार्ड 49 एससी महिला और वार्ड 50 सामान्य महिला वर्ग से आरक्षित है। ऐसे में खत्री नजदीक के वार्ड संख्या दो से भाग्य आजमा सकते हैं।
केस 1 : वार्डसंख्या एक (पुराना) के मतदाता एक, दो और 13 में बंट गए। वार्ड एक के पार्षद शाकिर भारती वार्ड 13 से मैदान में उतरने की कोशिश कर रहे हैं। क्योंकि नए वार्ड 13 में इनका ज्यादा वोट बैंक शिफ्ट हुआ है। इसी वार्ड में इनका मकान है। वार्ड एक सामान्य आरक्षित होने से पूर्व पार्षद चांद खां मुगल भी यहां जमीन तलाश रहे हैं।
केस2 : वार्डसंख्या 42 (पुराना) की पार्षद माया शर्मा भी नए वार्ड 44 से चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रही हैं। इनका वार्ड ओबीसी आरक्षित हो गया है। नवलगढ़ रोड पर बने नए वार्ड संख्या 44 में कुछ हिस्सा पुराने वार्ड 42 का शिफ्ट हुआ है। यह वार्ड सामान्य महिला के लिए आरक्षित है।
केस3 : वार्ड38 (पुराना) की मौजूदा पार्षद सुशीला देवी को नई जगह तलाश नहीं करनी पड़ रही है। लेकिन इन्हें बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि परिसीमन से इन्हें वार्ड 39 नया नंबर मिला। वार्ड 37 के पार्षद गिरधारीलाल का मकान भी वार्ड 39 में शामिल हो गया। ऐसे में उनकी वार्ड 38 और 39 पर नजर है।
इन उदाहरणों से समझिए, कैसी दिलचस्प स्थि