जिलेभर में हुए कई कार्यक्रम
हिंदी दिवस: हमेंइसलिए गर्व है मातृभाषा पर
यूरो इंटरनेशनल
सीकर. आजहिंदी दिवस है। हिंदी का वर्चस्व लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हिंदी को महत्व देने के निर्देश के बाद और भी सकारात्मक बदलाव की उम्मीद है। बोर्ड परीक्षाओं में इस साल कई विद्यार्थियों ने 150 में 146 तक अंक हासिल हिंदी साहित्य का मान बढ़ाया है। इधर, एसके कॉलेज में हिंदी विषय लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या तीन हजार को पार कर गई है।
हरकोई दे रहा तवज्जो
चीनीके बाद हिंदी दुनिया में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है। 1950 में इसे संविधान में सरकारी भाषा के रूप में घोषित किया गया। मोबाइल कंपनियां हिंदी को तवज्जो दे रही हैं। सभी फंक्शन से लेकर एसएमएस तक हिंदी में लिखे जा रहे हैं। 50 फीसदी ग्रामीण इलाके के लोग तो हिंदी में मोबाइल नंबर और नाम तथा सभी फंक्शन हिंदी में ही रखते हैं। अमेरिका, इंग्लैंड, फ्रांस जापान के पर्यटक यहां आकर हिंदी सीख रहे हैं। फ्रांस के पर्यटक तो हैलो की जगह नमस्कार करना ज्यादा पसंद करते हैं। ईमेल भी हिंदी में लिखे जा रहे हैं। इसके लिए कई कनवर्टर गए हैं। राज्य सरकार ने भी पिछले दिनों सभी महकमों को हिंदी में ही काम करने के निर्देश दिए थे।
सीकर. हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर शनिवार को जिलेभर में शिक्षण संस्थाओं में अनेक कार्यक्रम हुए। विश्व भारती शिक्षण संस्थान सीकर में प्राचार्य अनूप कुमार शर्मा की अध्यक्षता में संगोष्ठी हुई। लायंस क्लब सनराइज की ओर से ऋषिकुल मार्ग स्थित मदनलाल बियाणी बालिका आदर्श विद्या मंदिर में हिंदी दिवस मनाया गया। समारोह में जिला साक्षरता अधिकारी राकेश लाटा, क्लब अध्यक्ष सीए राजेंद्र अग्रवाल प्राचार्य विजया शर्मा ने विचार रखे। ज्ञानभारती पब्लिक स्कूल में हिंदी सुलेख निबंध प्रतियोगिता हुई। प्रिंसिपल सांवर मल सैनी ने हिंदी के महत्व की जानकारी दी। निदेशक अलका यादव ने लाल रंग के बारे में बताया।
राउमावि हरसावा बड़ा में सेवानिवृत प्रधानाध्यापक भागीरथ सिंह ने हिंदी के महत्व पर प्रकाश डाला। शास्त्री नगर स्थित विनायक स्कूल में प्रश्नोत्तरी निबंध प्रतियोगिता हुई। प्रभारी मंजू वर्मा ने हिंदी के महत्व की जानकारी दी। कार्यक्रम में हरिराम शर्मा ने छात्रों को पुरस्कृत किया। निदेशक रमेश शास्त्री, संस्था प्रधान ममता वशिष्ठ, कविता शर्मा आदि मौजू