एक सदस्य ने ही बोर्ड को सवालों में घेरा
सीकरकेंद्रीय सहकारी बैंक की 63 वीं वार्षिक आम सभा में एक सदस्य ने ही संचालक मंडल बोर्ड को कई बार सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया। कटराथल ग्राम सेवा सहकारी समिति सदस्य एडवोकेट कर्नल वेदप्रकाश ने बोर्ड पर कई सवाल उठाए। बीच बचाव के लिए मंच से संचालकों को सफाई देनी पड़ी। वेदप्रकाश ने कहा बोर्ड संचालक मंडल सदस्यों को लेकर राजनीति कर रहा है।
डेढ़ साल पहले खाली हुए दांतारामगढ़ संचालक के पद को नई कार्यकारिणी के चुनाव के समय क्यों चुना गया। पिपराली वार्ड सदस्य भाना राम वित्तीय वर्ष 2013 के दौरान बोर्ड में संचालक रहे लेकिन बोर्ड की सूची से उनका नाम क्यों हटाया गया। इस दौरान उन्होंने बैंक के लाभांश बैंकिंग सहायक दीपचंद मूंड की बर्खास्तगी को लेकर भी सवाल उठाए। कहा- पिछले साल बैंक को 3 करोड़ 24 लाख का लाभ हुआ जो इस साल 24 लाख ही क्यों रह गया। सभा बैंक अध्यक्ष हनुमान सिंह आर्य की अध्यक्षता में धनलक्ष्मी विश्रामगृह में हुई। जिसमें 2013-14 के वित्तीय लेखा संतुलन चित्र, लाभ हानि 2014-15 की भावी कार्य योजना को लेकर चर्चा कर अनुमोदन किया गया। प्रबंध निदेशक एसके मीना ने बताया कि फसली ऋण पर चार फीसदी ब्याज सरकार ने लागू किया है।
आर्य ने अध्यक्षीय उद्बोधन में सदस्यों को बैंक के कार्यक्षेत्र को बढ़ावा देने का आह्वान किया। इस दौरान अच्छे कार्य करने वाले बैंक अधिकारी एवं सदस्यों का सम्मान किया गया।
बिनाब्याज फसली ऋण देने का प्रस्ताव लिया
सभामें पटवारी का बास समिति अध्यक्ष सांवर चौधरी अन्य सदस्यों ने किसानों को डेढ़ लाख रुपए तक का फसली ऋण बिना ब्याज देने, पैसे जमा कराने के बाद नए लोन की समयावधि तय करने, केसीसी लोन के नए मापदंड तय करने पारदर्शिता बढ़ाने के सुझाव दिए। इसपर संचालक मंडल ने फसली ऋण को बिना ब्याज रखने का प्रस्ताव सरकार को भिजवाने पर सहमति जताई।
बैठक में बोर्ड के रवैए पर सवाल उठाते हुए।