सीकर. श्रमिकों के लिए बनाई जा रही डायरियों में फर्जीवाड़ा सामने आया है। जांच करने के लिए जयपुर से गोपनीय टीम सीकर पहुंच गई है। टीम में शामिल अधिकारी-कर्मचारियों ने कई गांवों में जाकर डायरियों की जांच की। बताया जा रहा है कि बड़ी संख्या में ऐसे लोगों को श्रमिक डायरी बना दी गई, जो पात्र नहीं हैं। इधर, श्रमिक संगठनों के पदाधिकारियों ने किसान नेता पूर्व विधायक अमराराम से मुलाकात करके बताया कि श्रम विभाग की टीम जांच के नाम पर श्रमिकों को प्रताड़ित कर रहा है।
पिछले दिनों मिली शिकायत के बाद जिले में जांच अभियान शुरू किया है। शुरुआत पड़ताल में सामने आया है कि अधिकतर कार्डों में गड़बड़ी की गई है। श्रमिकों ने बिना पात्रता के ही सरकारी राशि के चैक जारी करवा लिए हैं। इनसे रिकवरी भी की जा सकती है। सूत्रों के मुताबिक एक जगह मंदिर के पुजारी ने श्रमिक के नाम पर सरकारी राशि ले ली। किसान, चौकीदार और ड्राइवरों ने श्रमिक कार्ड के नाम से सहायता राशि ली है। सर्वे पूरा होने के बाद यह रिपोर्ट जयपुर स्थित मुख्यालय को दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में सबसे ज्यादा सीकर जिले में करीब 60 हजार श्रमिकों का डायरी के लिए रजिस्ट्रेशन हुआ है।
बिना जांच-पड़ताल जारी कर दी डायरी
जयपुर से आई टीम जिले में निर्माण मजदूरों काे जारी श्रमिक कार्डों का सत्यापन कर रही है। यह सबकुछ मुख्यालय के स्तर पर हो रहा है। -सहायक श्रम आयुक्त, रामेश्वरप्रसाद जांगिड़
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि श्रम विभाग में आवेदन करने वाले श्रमिक के दस्तावेजों और उसकी मौजूदा स्थिति की जांच पड़ताल के बिना ही डायरी जारी कर दी जाती है। नियम पूरी जांच करके डायरी देने का है।
क्याहै श्रमिक डायरी योजना: श्रमविभाग इस योजना में पात्र श्रमिक को बेटी की शादी पर 51 हजार रुपए की आर्थिक सहायता देता है। इसके अलावा साइकिल बच्चों को छात्रवृति का प्रावधान भी है।
अफसरोंसे बात करेंगे और विरोध भी : पूर्वविधायक अमराराम ने बताया कि सीटू यूनियन पदाधिकारियों ने श्रमिकों को प्रताड़ित करने की जानकारी दी। श्रम विभाग के अधिकारियों से बातचीत की जाएगी। श्रमिकों के हितों पर कुठाराघात बर्दाश्त नहीं करेंगे। इस मामले में माकपा मैदान में आएगी।
श्रमिक संगठनों और विभाग के बीच हो चुका है टकराव: श्रमिकडायरियों को लेकर कई बार विभाग श्रमिक संगठन आमने-सामने हो चुके हैं।