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विराेध था मोबाइल टावर का, आपस में उलझी महिलाएं, 1 घंटे चला ड्रामा

7 वर्ष पहले
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टावर विवाद को लेकर मोहल्ले की महिलाओं और मकान मालकिन में भी झड़प हुई। फोटो: विशाल सैनी

...क्योंकि

अफसर जिम्मेदारी से भाग रहे हैं, रेडिएशन का स्तर जांच रहे, लोगों की चिंता दूर कर रहे

6 टावर की अनुमति दी, 4 की रद्द की, फिर भी 2 महीने में 15 शिकायतें

हकीकत | नगरपरिषद की ओर से मोबाइल कंपनियों को 35 से अधिक नोटिस जारी किए गए। एक-दो ने ही जवाब दिए। जवाब नहीं देने पर 11 कंपनियों पर कोई कार्रवाई नहीं की।

करनाक्या था परिषद को | मानकसे ज्यादा रेडिएशन होने पर 10 लाख रुपए का जुर्माने का प्रावधान है। एक्सपर्ट बुलाने थे, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।

परिषदका दावा | नगरपरिषद के आयुक्त राजेंद्र जोशी का कहना है कि जहां विरोध है, वहां टावर नहीं लगने दे रहे।

सवाल : चिड़ियाटीबा, राधाकिशनपुरा, अंबेडकर नगर, पुरोहितजी की ढाणी, पालवास रोड आदि इलाकों में मोबाइल टावर का विरोध हो चुका है। तीन जगह से सामान भी जब्त किया गया है, लेकिन सवाल यह है कि आखिर यह नौबत आई ही क्यों?

दो महीने में परिषद के पास टावर के विरोध की 15 शिकायतें आईं। परिषद कह रही है कि उसने सालभर में रिलायंस को 6 टावर की अनुमति दी, 4 की रद्द कर दी। ऐसे में 15 टावर लगने के लिए कैसे गए।

नगर संवाददाता| सीकर

चिड़ियाटीबा कॉलोनी (वार्ड 37) में गुरुवार को मोबाइल टावर को लेकर हंगामा हो गया। कॉलोनी के लोग टावर लगने का विरोध कर रहे थे। विरोध को देखते हुए नगर परिषद की टीम निर्माण कार्य रुकवाने पहुंची थी। इस दौरान महिला पुष्पा (जिसके घर टावर लगना प्रस्तावित है) ने कर्मचारियों अफसरों के साथ अभद्रता की। पत्थर भी फेंके। विरोध में क्षेत्र की अन्य महिलाओं की पुष्पा से झड़प हो गई। जवाब में उन्होंने भी पत्थर फेंके।

बाद में हंगामे के बीच कर्मचारियों ने सामान जब्त कर लिया। इससे गुस्साई पुष्पा जब्त सामान वापस ले आई। टीम जब्त सामान को वापस लाने की कोशिश करने लगी तो उसने घर के सामान में आग लगा दी। इससे एकबारगी अफसर सकते में गए। मुकदमा दर्ज करने की चेतावनी लोगों के विरोध को देखते हुए महिला शांत हुई, तब जाकर टीम ने टावर लगाने के लिए खोदे गए गड्ढे को जेसीबी से भरवाया और सामान जब्त किया। उधर, पुष्पा और मनोज कुमावत का कहना है कि अधिकारी बिना पूछे उसके मकान में घुस गए थे। अभद्रता करते हुए सामान को उठाकर ले जा रहे थे। इस संबंध में मुख्य सफाई