सीकर। अपर जिला एवम सेशन न्यायाधीश क्रम 1 अजिताभ आचार्य ने दहेज प्रताड़ना व पत्नी को आत्महत्या के उकसाने के एक मामले में आरोपी पति को सात साल की सजा सुनाई है। मामला 2012 का है और मौत के वक्त आरोपी की पत्नी गर्भवती थी।
अपर लोक अभियोजक नरेश पारीक ने बताया कि खामियाद लाडनूं नागौर की रहने वाली सरस्वती पुत्री अमराराम की शादी चिड़ासरा निवासी रामनिवास पुत्र किशनाराम के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही उसका पति व ससुराल पक्ष के लोग उसे दहेज के लिए प्रताड़ित कर रहे थे। 20 अक्टूबर 2012 को इन्हीं से परेशान होकर उसने आत्महत्या कर ली थी। इस संबंध में पति व अन्य के खिलाफ दहेज प्रताड़ना व आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने का मुकदमा दर्ज हुआ था। आरोपी के खिलाफ पुलिस ने चालान पेश कर दिया। मामले में बहस के बाद कोर्ट ने आरोपी को सजा सुनाई।
छात्रा के अपहरण का मुकदमा दर्ज
पिपराली रोड से एक पीएमटी छात्रा के अपहरण का मामला दर्ज हुआ है। छात्रा के पिता ने एक युवक पर उसकी बेटी को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाया है। झुंझुनूं के नाद निवासी व्यक्ति ने रिपोर्ट दी है कि गत सप्ताह मंगलवार को मलसीसर निवासी एक युवक सरजीत उनकी बेटी को बहला-फुसला कर ले गया। उनकी बेटी सीकर में पीएमटी द्वितीय वर्ष की तैयारी कर रही थी। रविवार को बेटी से मिलने के लिए सीकर आए तो मकान मालिक ने बताया कि वह तो पिछले मंगलवार से ही घर पर नहीं है।