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पंचायतीराज के शिक्षकों को वरिष्ठता के आधार पर मिलेगा शिक्षा विभाग

7 वर्ष पहले
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पंचायतीराजसे शिक्षा विभाग में जाने के लिए अब विकल्प नहीं लिए जाएंगे। शिक्षकों को वरिष्ठता से शिक्षा विभाग में लिया जाएगा।

इससे प्रारंभिक शिक्षा में तृतीय श्रेणी के 25 हजार और माध्यमिक स्कूलों में छह हजार रिक्त पद भर जाएंगे। सीकर जिले के भी सैकड़ों शिक्षकों को इसका फायदा मिलेगा। राज्य सरकार ने पंचायतीराज शिक्षकों के सेटअप परिवर्तन की तैयारी कर ली है।

पंचायतीराज की स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों को वरिष्ठता के आधार पर शिक्षा विभाग की स्कूलों में रिक्त पदों पर लगाया जाएगा। वरीयता के आधार पर चयनित शिक्षकों का पदस्थापन उसी विद्यालय में पद रिक्त होने पर किया जाएगा। पद रिक्त नहीं होने की स्थिति में उसे ग्राम एवं ग्राम पंचायत के विद्यालय में पदस्थापित किया जाएगा। यह काम दो चरणों में होगा। पहले चरण में पंचायतीराज शिक्षकों को प्रारंभिक शिक्षा में लिया जाएगा। दूसरे चरण में प्रारंभिक शिक्षा से माध्यमिक में वरिष्ठता और योग्यता के आधार पर लिया जाएगा। संयुक्त शासन सचिव अतर सिंह नेहरा ने इस संबंध में प्रारंभिक शिक्षा निदेशक को निर्देश जारी कर दिए हैं।

अधीनस्थ सेवा नियम 1977 के नियम 6-डी के तहत वरिष्ठता एवं पंचायत समितियों में कम से कम पांच वर्ष की सेवा पूरी करने वाले अध्यापकों का स्थानांतरण करने का प्रावधान है। इसके तहत सरकार ने पहले पंचायतीराज के उन शिक्षकों से विकल्प मांगे थे, जो शिक्षा विभाग में जाना चाहते हैं लेकिन काफी कम शिक्षकों ने विकल्प पत्र भरे।

^सेटअपचेंज से प्रारंभिक माध्यमिक शिक्षा की स्कूलों में रिक्त पदों को भरा जा सकेगा। माध्यमिक सेटअप में तृतीय श्रेणी अध्यापक के रिक्त पदों की संख्या कम है। पहले उन्हें भरा जाएगा। -अंतरसिंह नेहरा, संयुक्तशासन सचिव, शिक्षा

घर बैठे शिक्षकों पर संकट

राज्य सरकार के इस फैसले से सैकड़ों ऐसे शिक्षक प्रभावित होंगे, जो गांवों में ही अपना बसेरा कर चुके हैं। सालों पहले सेटअप परिवर्तन की उम्मीद खो चुके तृतीय श्रेणी शिक्षकों ने गांव में ही अपना आशियाना बना लिया। अब वे वापस शहर में आना नहीं चाहते। यही कारण है कि सरकार को पहले विकल्प काफी कम मिले थे। शिक्षा विभाग में अध्यापकों का सेटअप परिवर्तन करीब 12 साल के बाद हो रहा है। ऐसे में नई व्यवस्था से कई शिक्षकों की मुश्किल बढ़ जाएगी।