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परिषद की राजनीित में अटके 8 करोड़ के काम

7 वर्ष पहले
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बोर्ड बैठक के फेर में अटके काम

शहरमें चार करोड़ 28 लाख रुपए की लागत से होने वाले 18 कामों पर ब्रेक लग गया। सड़क, नाली निर्माण के इन कामों के लिए टेंडर किए गए थे। तकनीकी स्वीकृति हो गई। सभी कामों की राशि 10 लाख रुपए से ज्यादा होने के कारण बोर्ड से वित्तीय स्वीकृति के बाद ही वर्क आर्डर जारी किया जा सकता था। इन कामों को एजेंडे में शामिल किया गया था, लेकिन बोर्ड बैठक स्थगित होने से इन कामों पर एक बारगी ब्रेक लग गए हैं।

काम हुआ तो क्वालिटी पर सवाल

पीडब्ल्यूडीठेकेदारों को रोकने के लिए परिषद ठेकेदारों ने 35 फीसदी रेट कम डालकर टेंडर तो उठा लिए, अब काम कर पाना मुश्किल हो रहा है। क्योंकि मेटेरियल के बढ़े हुए दामों के बीच काम में क्वालिटी बनाए रखना आसान नहीं है। घटिया सामग्री पर मरम्मत और नोटिस से बचने के लिए ठेकेदार काम नहीं करना चाह रहे हैं। कई ठेकेदार काम छोड़ने का मन बना चुके हैं।

सभापति के लिए चुनौती

शहरीविकास पर हो रही पॉलीटिक्स से सभापति राजेश्वरी सैनी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। पहली बार बनी भाजपा की सभापति के कार्यकाल में काम नहीं होने से चुनावों में पार्षदों की नाराजगी सामने सकती है। ऐसे में परिषद अधिकारियों पर वर्क आर्डर को लेकर दबाव है।

सीकर. राजनीतिकखींचतान में करीब आठ करोड़ रुपए की लागत से शहर में होने वाले विकास कार्य अटक गए हैं। पहले बोर्ड बैठक स्थगित होने के कारण चार करोड़ रुपए के काम अटक गए। इसके बाद चार करोड़ के 69 कामों के टेंडर हुए। लेकिन ठेकेदार की खींचतान में काम शुरू नहीं हो पा रहे हैं। अगले महीने नगर परिषद चुनावों की आचार संहिता लग जाएगी। ऐसे में चार महीने विकास कार्यों पर ब्रेक लगा रहेगा।

^ठेकेदारों ने टेंडर का बहिष्कार कर दिया। दोबारा टेंडर करवाए गए हैं। वर्क आर्डर की प्रक्रिया जारी है। राजेश्वरीसैनी, सभापति

^टेंडरके बाद वर्क आर्डर की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही कामकाज शुरू करवा दिया जाएगा। बीएलसोनी, एक्सईएन,नगर परिषद

10 लाख रुपए से ज्यादा बजट वाले काम अटकने के बाद परिषद की ओर से चार करोड़ रुपए की लागत के 69 कामों के टेंडर मांगे गए। ठेकेदारों ने दो सितंबर को होने वाले टेंडर में फाॅर्म नहीं भरा। 9 सितंबर को दोबारा टेंडर की तारीख पर पीडब्ल्यूडी ठेकेदार पहु