पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • महिला कर्मचारियों को दो घंटे कमरे में बंद रखा

महिला कर्मचारियों को दो घंटे कमरे में बंद रखा

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
सीकर. पं.दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी यूनिवर्सिटी इसी सत्र से शुरू करने की मांग को लेकर लेकर बुधवार को एसएफआई ने प्रदर्शन किया। दो घंटे तक छात्र यूनिवर्सिटी पर प्रदर्शन करते रहे। महिला कर्मचारियों को कमरे में बंद करके ताला जड़ दिया। उस वक्त कुलपति रजिस्ट्रार यूनिवर्सिटी में मौजूद नहीं थे।

छात्रों ने मुख्य गेट पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। कुलपति को ज्ञापन देने की मांग रखी। बाद में छात्रों ने दो महिला सूचना सहायक एक अन्य कर्मचारी को कमरे में बंद कर ताला जड़ दिया। छात्र धरने पर बैठे गए। दो घंटे तक हंगामा चलता रहा। बाद में पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने कुलपति से बात करने की कोशिश की लेकिन फोन नहीं लगा। समझाइश के बाद छात्र माने। कुलपति को ज्ञापन ईमेल से भेजा। इसके बाद कलेक्ट्रेट पहुंच गए। छात्र एडीएम चैंबर तक पहुंच गए। छात्रों पुलिसकर्मियों के बीच हल्की झड़प भी हो गई। अब छात्र 16 दिसंबर को यूनिवर्सिटी पर बड़ा प्रदर्शन करेंगे।

क्षेत्राधिकार तय करने का काम सरकार के स्तर का है। छात्रों की मांग सरकार तक पहुंचाई जाएगी। -विमलेश चौधरी, कुलपति

जनप्रतिनिधि भी नहीं दिखा रहे रुचि

जनप्रतिनिधि भी इस मामले को लेकर सक्रियता नहीं दिखा रहे। भाजपा सरकार को एक साल हो चुका है लेकिन अभी तक कोई नतीजा विधायक सांसद नहीं दे सके है। यह तब है, जब सीकर से पांच विधायक और सांसद भाजपा से हैं।

शेखावाटी यूनिवर्सिटी में इस शिक्षा सत्र में एग्जाम फाॅर्म भरे जाने की उम्मीद थी। पहले कांग्रेस और फिर भाजपा ने सपने दिखाए। हुआ कुछ नहीं। स्टूडेंट्स को इस बार भी राजस्थान यूनिवर्सिटी से ही एग्जाम फाॅर्म भरने पड़े। शेखावाटी के करीब डेढ़ से दो लाख स्टूडेंट्स इससे प्रभावित हो रहे हैं। हाल ये हैं कि तीन साल बाद भी यूनिवर्सिटी का क्षेत्राधिकारी तक तय नहीं हो पाया है। यूनिवर्सिटी पर हर साल करीब एक करोड़ रुपए से ज्यादा का बजट खर्च हो रहा है। इनमें 81 लाख रुपए का बड़ा बजट तो सिर्फ वेतन ऑफिस पर ही चला जाता है। 37 हजार रुपए खर्च करके बोम की पहली बैठक में कोई नतीजा नहीं निकल सका था। दूसरी मीटिंग अभी तक नहीं हुई है।