सीकर. सरकार ने 26 और 27 सितंबर को प्रदेश में होने वाले शैक्षिक सम्मेलन स्थगित कर दिए हैं। उप शासन सचिव नसीरुद्दीन कुरैशी की ओर से मंगलवार को जारी आदेश में सम्मेलन स्थगित करने के पीछे कोई ठोस कारण नहीं बताए हैं। अब सम्मेलन 15 और 16 अक्टूबर को प्रस्तावित हैं।
गौरतलब है कि 15 अक्टूबर को स्कूलों में विश्व हाथ धुलाई दिवस कार्यक्रम होना है। यह स्कूलों में अनिवार्य किया गया है। ऐसे में अब सवाल यह शिक्षक सम्मेलन और हाथ धुलाई कार्यक्रम एक साथ कैसे होंगे। शिक्षक संगठनों ने सरकार के फैसले पर सवाल उठाया है।
संगठनों ने बयान दिया है कि गलत तरीके से किए गए एकीकरण के विरोध में बढ़ते विरोध को लेकर सरकार डर गई है। सरकार नहीं चाहती कि शिक्षक संगठनों के सम्मेलन हों और उसमें कोई रणनीति तय की जाए। आंदोलन की रणनीति तय करने के लिए शिक्षा बचाओ संयुक्त संघर्ष समिति ने 25 सितंबर को डाक बंगले में बैठक बुलाई है।
कैलेंडर में शैक्षिक सम्मेलन की तिथि घोषित होने के बाद से ही संगठन इसकी रणनीति में जुट गए थे। राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत के जिलाध्यक्ष उपेंद्र शर्मा ने बताया कि अव्यावहारिक एकीकरण मंत्रियों के बड़बोले बयानों से शिक्षकों में आक्रोश होने के कारण सरकार ने बिना किसी कारण सम्मेलन की तिथियों को परिवर्तित किया है। इससे सम्मेलन स्थल पर बड़ी संख्या में शिक्षक इकट्ठा नहीं हो।
मीडिया प्रभारी राजकमल ने बताया कि सरकार चाहती है कि शैक्षिक सम्मेलन आयोजित नहीं हो सके। इधर, रेसला के संगठन मंत्री अरविंद भास्कर का कहना है कि सरकार शिक्षकों में बढ़ रहे आक्रोश को दबाने के लिए सम्मेनल स्थगित कर रही है।
वहीं, जिलेभर के शिक्षकों का आरोप है कि इस बार शिक्षक संगठनों ने सरकार के मंत्रियों विधायकों को आमंत्रित नहीं किया। इसलिए सम्मेलन स्थगित किए गए हैं। शिक्षक संगठनों ने सम्मेलन की तैयारी के लिए टेंट, जगह और खाद्य पदार्थों की तैयारी करते हुए बुकिंग भी करा ली थी। अब एन वक्त पर सम्मेलन स्थगित करने से संगठनों को आर्थिक नुकसान होगा।