सीकर। कमजोर रिजल्ट देने वाले संस्था प्रधानों पर गाज गिरने वाली है। सरकार इनके तबादले की तैयारी में है। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने बोर्ड परीक्षाओं में कम रिजल्ट देने वाले संस्था प्रधानों के नामों की जानकारी मांगी है। इनका तबादला दूसरे जिलों में किया जाएगा।
पहली बार शिक्षा विभाग कमजोर रिजल्ट पर इतना गंभीर कदम उठा रहा है। जिले में पिछले शिक्षा सत्र में दो दर्जन स्कूलों का रिजल्ट जीरो या फिर 30 फीसदी के बीच रहा है। खास बात यह है कि विभाग ने साल 2011-12 और 2012-13 में कम रिजल्ट देने वाले संस्था प्रधानों की सूची भी मांगी है। शिक्षा विभाग ने सूची बनानी शुरू कर दी है।
इसलिए उठाया गया कदम : प्रदेश में सैकड़ों सरकारी स्कूलों का रिजल्ट कमजोर रहता है। संस्था प्रधानों की सूची हमेशा बनती है लेकिन कार्रवाई कुछ भी नहीं होती। हमेशा नोटिस देकर मामले को निपटा लिया जाता है। भाजपा सरकार ने इस बार इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तबादले की रणनीति बनाई है।
शिक्षकों पर भी होगी कार्रवाई : शिक्षकों पर भी आगे कार्रवाई होगी। इन्हें नोटिस देने के लिए निदेशालय सूची मांग चुका है। विभाग पहले ही कह चुका है कि कम रिजल्ट देने वाले शिक्षकों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
इस बार बोर्ड मेरिट लाने के लिए कह चुके हैं मंत्री : हाल ही में खाटूश्यामजी में शिक्षा अधिकारियों की बैठक लेने आए शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी सीकर शिक्षा अधिकारियों को कह चुके हैं कि जिले से बोर्ड मेरिट आनी चाहिए। सरकारी स्कूलों की छवि सुधारने के लिए यह पहल सीकर से होनी चाहिए और प्लानिंग बनाकर अतिरिक्त कक्षाएं भी लगाई जानी चाहिए।