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हॉकी के मैदान को लेकर एसके स्कूल कॉलेज में ठनी
स्कूल-कॉलेज में यूं चल रहा है विवाद
>कॉलेजप्रबंधन ने 22 सितंबर को स्कूल प्रबंधन को पत्र लिखा। इसमें मैदान को अपना बताया। कहा कि 19 सितंबर को हुई बैठक में तय किया गया था कि ग्राउंड में दीवार का निर्माण रोक दिया जाएगा। लेकिन मौके पर निरीक्षण किया तो पता चला कि निर्माण कार्य चालू है।
> प्रधानाचार्य ने 23 सितंबर को प्राचार्य को जवाब दिया कि कॉलेज ने हॉकी मैदान को अपना बताया है। कॉलेज के पास कागजात हैं तो दिखाए।
> 23 सितंबर को कॉलेज ने पत्र का जवाब दिया। स्कूल के पास दस्तावेज हैं तो दिखाएं। कॉलेज ने पूर्व प्राचार्य, व्याख्याताओं कार्मिकों से जानकारी ली है। उसमें पता चला कि यह ग्राउंड कॉलेज का ही है। कॉलेज ने 23 सितंबर को ही बाउंड्री तुड़वा दी।
सीकर. हॉकीमैदान को लेकर एसके स्कूल कॉलेज आमने-सामने हो गए हैं। कॉलेज ने मैदान की बाउंड्री वॉल जेसीबी से तुड़वा दी। स्कूल ने हाल ही में बाउंड्री वाल बनवाई थी। एसके स्कूल विकास समिति ने कोतवाली में रिपोर्ट दी है कि कॉलेज प्राचार्य 10-15 व्याख्याताओं ने जेसीबी से 20 मीटर की दीवार तुड़वा दी। स्कूल ने एफआईआर दर्ज करने की शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
मामला कलेक्टर एसएस सोहता तक पहुंचा तो उन्होंने कॉलेज प्राचार्य स्कूल प्रधानाचार्य को बुलाया। बैठक में कलेक्टर ने कॉलेज से भी दस्तावेज मांगते हुए दीवार तुड़वाने को गलत बताया। इस मामले में एडीएम की अध्यक्षता में जांच टीम बनाई है जो सात दिन में रिपोर्ट देगी। विवाद हॉकी मैदान के मालिकाना हक को लेकर है। स्कूल ने पुराने दस्तावेज दिखाते हुए हॉकी मैदान अपना बताया है। जबकि कॉलेज मैदान अपना बता रहा है। दैनिक भास्कर के पास स्कूल-कॉलेज के बीच छिड़े विवादों के दस्तावेज मौजूद हैं। जानकारी के अनुसार, एसके स्कूल की स्थापना 1929 में हुई थी। स्कूल के पास जो दस्तावेज मौजूद हैं, उसके मुताबिक मैदान 1963 में स्कूल के नाम हो गया था। अब स्कूल की तरफ से बाउंड्रीवॉल बनवाई जा रही है। 20 फीट का रास्ता गर्ल्स हॉस्टल में जाने के लिए दिया गया है।
^हमनेसरकारी प्रक्रिया के तहत दीवार तुड़वाई। हॉकी ग्राउंड के रिकॉर्ड हैं। जांच में सबकुछ सामने जाएगा। -एचआरईसरान, प्राचार्य,एसके कॉलेज
^कॉलेज ने बिना बताए ग्राउंड की दीवार तोड़ दी। जबकि उनके पास खेल मैदान का कोई भी दस्ता