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छह करोड़ रुपए से छह वार्ड होंगे स्मार्ट

5 वर्ष पहले
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नगर परिषद ने इस साल के लिए 192 करोड़ रुपए बजट जारी किया है। इस साल छह वार्डों का स्मार्ट बनाया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक वार्ड पर एक करोड़ रुपए खर्च होंगे। शनिवार को हुई बोर्ड बैठक में यह फैसला हुआ। स्मार्ट वार्ड की प्रारंभिक रूपरेखा बताई गई।

इसमें हर जोन से एक वार्ड का चयन होगा। स्मार्ट वार्ड की गलियों का एक कलर, रंग चित्रकलाओं से सुसज्जित किया जाएगा। सीसीटीवी, ई-जनसुविधा केंद्र, अलार्म, स्मार्ट पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा से जोड़ा जाएगा। चयनित हर वार्ड में एक करोड़ रुपए खर्च होंगे। चयन वार्ड वासियों भामाशाहों के सहयोग, काम में भागीदारी, शिविर में चर्चा ऑन लाइन वोटिंग के आधार पर होगा। सभापति जीवण खां ने बताया कि इसके अलावा बैठक में स्टेट ग्रांट की 506 फाइल स्वीकृत की और 50 वार्डों में 74 किमी स्ट्रीट लाइन का वायर डालने पर निर्णय हुआ।

शहरी सरकार के दूसरे बजट की बोर्ड बैठक शनिवार पहली बार बोर्ड बिना हंगामे के एक घंटे 24 मिनट चली। पार्षदों ने हंगामे की परंपरा को तोड़ते हुए विकास पर 80 मिनट तक गंभीरता से मंथन किया। दरअसल दैनिक भास्कर ने शुक्रवार को पिछली बोर्ड मीटिंग का हवाला देते हुए मामला उठाया। बताया कि चार साल में 12 मीटिंग में विकास पर महज 100 मिनट चर्चा हो हुई। मीटिंग की तैयारी के लिए 10 दिन तक 126 कर्मचारियों 555 पार्षदों का वक्त जाया हुआ। नतीजा सिर्फ हंगामा रहा। सुबह 11.30 बजे सभापति के स्वागत भाषण के साथ मीटिंग शुरू हुई। सभापति ने बजट पढ़ा और सभी पार्षदों ने सर्वसम्मति से चार मिनट में 192 करोड़ रुपए का बजट मंजूर कर दिया। इसके बाद एक-एक एजेंडे पर खुलकर चर्चा हुई। स्टेट ग्रांट पट्‌टों की 506 फाइल स्वीकृति दी गई। सभापति जीवण खां ने ड्रेनेज व्यवस्था का हवाला देते हुए कहा, बकरा मंडी की स्थिति अब नियंत्रण में है। बारिश से पहले और सुधार होगा। तहसील से एक नाला बनाने की योजना है। जिससे पानी रायजी के कुए और सरकेल चेंबर में पहुंचाया जाएगा।

बजट बैठक के दौरान चर्चा करते सभापति पार्षद।

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