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संस्कृत कॉलेज में 820 स्टूडेंट पर तीन शिक्षक

Sikar News - राज्यसरकार संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के दावे कर रही है, लेकिन प्रदेश के सबसे बड़े संस्कृत कॉलेज की स्थिति...

Dainik Bhaskar

Jul 06, 2016, 06:40 AM IST
संस्कृत कॉलेज में 820 स्टूडेंट पर तीन शिक्षक
राज्यसरकार संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के दावे कर रही है, लेकिन प्रदेश के सबसे बड़े संस्कृत कॉलेज की स्थिति चौंकाने वाली है। राजकीय कल्याण संस्कृत कॉलेज में 820 स्टूडेंट हैं। जबकि पढ़ाने के लिए सिर्फ तीन व्याख्याता हैं।

कई विषयों के पद तो 10 साल से खाली हैं। संस्कृत कॉलेज में शास्त्री आचार्य कक्षाओं में 820 स्टूडेंट हैं। इन्हें पढ़ाने के लिए तीन ही शिक्षक हैं। कॉलेज में व्याकरण, धर्मशास्त्र, संस्कृत वाड्म्य जैसे विषयों के पद लंबे समय से खाली हैं। कॉलेज में राजनीति विज्ञान के व्याख्याता का पद तो दस साल से रिक्त है।

हिंदी विषय के शिक्षक 31 जुलाई को रिटायर हो जाएंगे। इसके बाद तो कॉलेज में पढ़ाने के लिए सिर्फ दो ही व्याख्याता रह जाएंगे।

क्याराज्य का सबसे बड़ा संस्कृत कॉलेज बंद हो जाएगा : सीकरका एसके संस्कृत कॉलेज राज्य का सबसे बड़ा संस्कृत कॉलेज है। यहां पर पीजी यूजी में 820 सीट हैं। अब सवाल यह है कि क्या राज्य का सबसे बड़ा संस्कृत कॉलेज बंद हो जाएगा। यह सवाल इसलिए है कि जुलाई के बाद कॉलेज में पढ़ाने के लिए सिर्फ दो ही व्याख्याता रह जाएंगे। यह स्थिति इसलिए भी चौंकाने वाली है, क्योंकि 410 छात्रों पर सिर्फ एक शिक्षक रह जाएगा। यह स्थिति काफी चिंताजनक है।

स्टाफ नहीं लगा पा रही सरकार कॉलेज बंद करे, उससे पहले हम ताला लगा देंगे : छात्रसंघ अध्यक्ष

छात्रसंघअध्यक्ष जगदीश सारण का कहना है कि संस्कृत कॉलेज की स्थिति ठीक नहीं है। सभी विषयों की तैयारी खुद के स्तर पर ही करनी होती है। सारण का कहना है कि भारतीय संस्कृति विरासत की रक्षा करने का दावा करने वाली सरकार ने प्रदेश के सबसे प्रतिष्ठित कॉलेज की यह दुर्दशा बनाकर क्या संदेश देना चाहती है। उन्होंने बताया कि संस्कृत शिक्षा निदेशक को ज्ञापन देकर जुलाई तक सभी पद भरने की मांग की है। अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया तो कॉलेज के ताला लगा देंगे।

कमस्टाफ में भी बच्चे खुद पढ़कर पास तो हो जाते हैं लेकिन यह जिंदगी नहीं : प्राचार्य

संस्कृतकॉलेज के प्राचार्य बजरंग शर्मा का कहना है कि संस्कृत कॉलेज खराब दौर में है। तीन ही व्याख्याता हैं। एक शिक्षक जुलाई में सेवानिवृत्त हो जाएंगे। बच्चे खुद ही पढ़कर परीक्षा तो पास कर लेते हैं लेकिन यह जिंदगी नहीं है। पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं होंगे और बच्चे फर्स्ट डिविजन लाकर कुछ बनेंगे नहीं, तब तक कोई फायदा नहीं। खाली पदों के लिए विभाग को कई बार पत्र लिखा, लेकिन कुछ नहीं हुआ। अब बच्चों ने चेतावनी दी कि अगर रिक्त पद नहीं भरे गए तो ताला लगाकर आंदोलन करेंगे।

चिताजनक स्थिति

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