पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Sikar
  • शराब चोरी करने वाले सीकर के चार सहित पांच बदमाश गिरफ्तार

शराब चोरी करने वाले सीकर के चार सहित पांच बदमाश गिरफ्तार

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
क्राइम रिपोर्टर. जयपुर | जयपुरसहित प्रदेश के अलग-अलग जिलों में पिछले दो साल में 60 दुकानों के ताले तोड़कर करीब डेढ़ करोड़ रुपए की शराब चोरी करने वाले पांच बदमाशों को वैशालीनगर पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी अनिल कुमार उर्फ पांग्या, राजेन्द्र मीणा, प्रकाश मीणा हजारीलाल मीणा नयाबास सीकर और देवेन्द्र सिंह झुंझुनूं का रहने वाला है। पुलिस ने आरोपियों से एक पिस्तौल, चोरी की पिकअप, नकबजनी के सामान बरामद किया है। आरोपियों ने शराब की दुकानों में चोरी करने के लिए बीकानेर से पिकअप चोरी की थी। आरोपी अनिल नयाबास पुलिस चौकी जलाने का आरोपी है। जो तीन साल से फरार चल रहा है। आरोपी देवेन्द्र चोरी, नकबजनी सहित 30 मामलों में वांछित है। आरोपी राजेन्द्र, प्रकाश हजारी के खिलाफ भी चोरी नकबजनी के मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। जहां से रिमांड पर भेज दिया गया। सभी आरोपी पिछले दस साल से चोरी नकबजनी की जयपुर, उदयपुर, अजमेर, सीकर, भरतपुर रेंज में वारदात कर रहे हैं।

डीसीपी (वेस्ट) राहुल जैन ने बताया कि दिसंबर माह में खातीपुरा चौराहे के पास कुछ बदमाश दो दुकानों के ताले तोड़कर करीब 13 लाख रुपए की शराब चोरी करके ले गए थे। पीड़ित प्रेम प्रकाश ने इस संबंध में वैशालीनगर थाने में रिपोर्ट दी थी। नकबजनी की वारदात के बाद थाना प्रभारी आलोक गौतम के नेतृत्व में टीम बनाई गई। सोमवार देर रात को पिकअप में सवार कुछ संदिग्ध सिरसी रोड अर्पित नगर में होने की सूचना मिली थी।



सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पिकअप को रोक लिया। जब चालक से पिकअप के कागज मांगे तो वह बार-बार बयान बदलने लगा। पुलिस सभी को पकड़कर थाने ले आई। जहां पर आरोपियों ने शराब की दुकानों के ताले तोड़ने सहित चोरी नकबजनी की अन्य वारदात कबूली। इस मामले में पुलिस आरोपियों के छह साथियों को पहले गिरफ्तार कर चुकी है।

जांच में सामने आया कि आरोपी चोरी करने के बाद सीकर नयाबास चले जाते थे। आरोपियों ने नयाबास में एक गोदाम शराब रखने के लिए किराये पर ले रखा था। आरोपी एक लाख रुपए की शराब को 50 हजार रुपए में ही बेच देते थे।

इसके बाद उन पैसों से जुआ सट्टा खेलते थे।

खबरें और भी हैं...