किसान व्यापारियों को कमजोर करने की नीति के साथ काम कर रही है सरकार
खादबीज विक्रेता दुकानदारों ने सरकार द्वारा लागू किए जा रहे नए प्रावधानों के विरोध में मंगलवार को प्रतिष्ठान बंद रखे। जिला कृषि आदान विक्रेता संघ की ओर से विभिन्न मांगों को लेकर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री कृषि मंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इससे पहले खाद-बीज विक्रेताओं की हेमराज फगेडिया की अध्यक्षता में मीटिंग हुई।
वक्ताओं ने कहा केंद्र सरकार द्वारा फर्टिलाइजर, सीड्स, पेस्टिसाइड्स एक्ट में संशोधन कर खाद-बीज विक्रेता लाइसेंस के लिए कृषि स्नातक सहित अन्य अनिवार्यता लागू की जा रही है। इस संशोधन को वापस लेकर पूर्व प्रकिया लागू की जाए। सचिव प्रवक्ता दिनेश जाखड़ ने भूमि अधिग्रहण बिल को उद्योगपतियों विदेशी कंपनियों के अनुकूल लागू नहीं कर पाने पर अब सरकार किसानों को कमजोर करने की नीति लागू कर रही है। इसका किसान और व्यापारी विरोध करते हैं। मीटिंग में निर्णय लिया गया कि कृषि आदान विक्रेता हर महीने के आखिरी रविवार को प्रतिष्ठान बंद रखकर आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे। मीटिंग में राजीव मेहता, महिपाल बिजारनियां, शिशुपालसिंह, रामदेवसिंह गोरा, बनवारीलाल तोदी, श्यामलाल काजला, महेंद्रकुमार, मनोज बजाज, चौथमल सैनी, सागरमल काजला, नाथूराम ओला, रामस्वरूप सैनी, प्रहलाद सिंह, मूलचंद सैनी, मनोज गढ़वाल, सुभाष सहित बड़ी संख्या में बीज विक्रेता मौजूद रहे।
सीकर. खाद-बीज व्यापारियों की बैठक में मौजूद पदाधिकारी।