साथ शराब पी रहे युवक की पत्थर से सिर कुचल की थी हत्या, दोषी को उम्रकैद

5 वर्ष पहले
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सीकर. न्यायालय अपर सेशन न्यायाधीश क्रम संख्या दो सीकर नीरज कुमार भारद्वाज ने पत्थर से सिर कुचलकर हत्या के मामले में दूजोद निवासी दीपक शर्मा उर्फ  पटेल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने प्रकरण में पीड़ित परिवार को राजस्थान पीड़ित प्रतिकर स्कीम 2011 में पीड़ित प्रतिकर दिलवाए जाने की सिफारिश की है।
 
अभियुक्त के अधिवक्ता द्वारा अभियुक्त के 21 वर्ष का हवाला देते हुए नरमी का रुख अपनाने की अपील की। जिसे कोर्ट ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि अभियुक्त ने निर्दोष व्यक्ति की बिना रंजिश निर्मम तरीके से सिर कुचलकर हत्या की है। ऐसे में दंडित  किया जाना चाहिए।
 
अपर लोक अभियोजक सावित्री बाटड़ ने बताया कि 23 फरवरी 2015 को रात करीब आठ बजे महेंद्र साई, दीपक शर्मा, सहित एक अन्य नाबालिग युवक ने दूजोद ठेके से देशी शराब के चार पव्वे खरीदे। इसके बाद तीनों मोटर साइकिल से हर्ष होते हुए आंतरी गांव पहुंचे। यहां तीनों ने शराब पी। शराब पीने के बाद इनके बीच कहासुनी हो गई। इस पर ताखरों की ढाणी के पास दीपक शर्मा व एक अन्य नाबालिग अभियुक्त ने महेंद्र के सिर पर पत्थर मारकर हत्या कर दी। शव को ताखरों की ढाणी व कुंडलपुर के बीच सड़क पर छोड़कर चले गए। सुबह सड़क किनारे शव पड़े होने के मामले की जानकारी सरपंच ने पुलिस को दी। पुलिस जांच में शव की शिनाख्त महेंद्र साई के तौर पर हुई।
 
जांच के बाद पुलिस ने अभियुक्त दीपक शर्मा को गिरफ्तार किया तथा एक नाबालिग अभियुक्त को निरुद्ध किया गया। सुनवाई व बहस के दौरान बताया गया कि अभियुक्त पूर्व में कई मामलों में  बाल अपचारी रह चुका है।  प्रकरण में सोमवार को   न्यायालय अपर सेशन न्यायाधीश क्रम संख्या दो ने अभियुक्त दीपक को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के अपराध का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास व 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।
 
मोबाइल लोकेशन से पकड़े गए थे अपराधी
 
शव मिलने के बाद पुलिस जांच में जुटी। मृतक के खून से सना हुआ शर्ट जब्त किया गया। संदिग्ध लोगों की मोबाइल कॉल डिटेल निकलवाई गई। गिरफ्तार किए गए दीपक की निशानदेही पर मृतक का मोबाइल बरामद किया गया। अभियुक्त व मृतक के मोबाइल की लोकेशन की जांच की गई। इससे ही हत्या का मामला खुल सका।
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