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क्लीन सिटी के लिए लगाए विदेशी तकनीक के डस्टबिन, पुष्कर के बाद यहां प्रयोग

5 वर्ष पहले
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सीकर. स्वच्छ भारत मिशन में बेहतर स्थान बनाने के लिए सीकर आधुनिक संसाधनों के साथ स्वच्छता की ओर कदम बढ़ा रहा है। आधुनिक कचरा पात्र का उपयोग प्रदेश में पुष्कर के बाद सीकर में हुआ है। स्वच्छता मिशन में यह कवायद कारगर साबित होती नजर आ रही है। सीकर शहर में दो डस्टबिन लग चुके हैं।
परिषद आधा दर्जन और डस्टबिन की प्लानिंग कर चुका है। सरकार द्वारा पूर्व में जारी की गई रैंकिंग में सीकर 361वें नंबर पर था।
खासियत : 15 मिनट में होता है खाली
कचरा पात्र महज 15 मिनट में खाली हो सकते हैं। इसके लिए करीब 10 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया है। अच्छी क्वालिटी का कवर तैयार किया है। जिसे नीचे से रस्से से बांधा है। जमीन के ऊपर एक बॉक्स लगाया है। जहां से कचरा डाला जा सकता है। कचरे से भरने पर जेसीबी के जरिए उठाकर ट्रक पर ले जाकर रस्सा खोला जाएगा। इससे कचरा पात्र हाथों हाथ खाली हो जाएगा।
फायदा : दुर्गंध से मिलती है निजात
जिन इलाकों में बड़े कचरा पात्र रखने की जगह का अभाव है, वहां सफाई व्यवस्था के लिए यह बेहतर विकल्प है। पूरी तरह से पैकिंग होने पर दुर्गंध से भी निजात मिल रही है। शहर में पिपराली रोड, वार्ड 20 स्थित मोहल्ला कारीगरान में कचरा पात्र लग चुके हैं। पांच कचरा पात्र के लिए विधायक घोषणा कर चुके हैं। दो अन्य के लिए भामाशाह तैयार हो चुके हैं।
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