श्रीमाधोपुर. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने बंधुआ मजदूर प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए राजस्थान के मुख्य सचिव को चार सप्ताह में तलब किया है। 29 जनवरी को जयपुर में हुई बंधुआ मजदूर उन्मूलन कार्यशाला के दौरान आयोग की जानकारी में आया था कि प्रदेश में 191 लेबर इंस्पेक्टर में से 31 कार्यरत हैं व श्रम कल्याण अधिकारियों के काफी पद भी खाली हैं।
आयोग ने मुख्य सचिव से पूछा है कि यदि यह जानकारी सही है तो बंधुआ मजदूर कैसे चिह्नित होंगे व उन्हें कैसे छुड़वाया जाएगा। आयोग ने कहा कि इन पदों के खाली रहने से सतर्कता समितियों की कार्रवाई ही संभव नहीं है। इससे सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की पालना भी नहीं हो सकती। आयोग ने जानकारी चाही है कि जो पद रिक्त हैं, उन्हें भरने की राजस्थान सरकार की क्या योजना है।