चला. कस्बे के सरकारी अस्पताल में डॉक्टर अधिकांश समय गायब रहते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि रात के समय तो अस्पताल में कोई सुविधा नहीं है। रात्रि में आने वाले मरीजों को इलाज के लिए गुहाला या नीमकाथाना जाना पड़ता है। मामले में कई बार विभाग के अधिकारियों को अवगत भी कराया गया, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
जानकारी के मुताबिक आदर्श गांव चला के इस अस्पताल में प्रतिदिन करीब 150 मरीजों का आउटडोर रहता है। इनका इलाज कंपाउडर ही करते हैं। यहां चिकित्सा सुविधाओं का भी टोटा है। अस्पताल में करीब एक दर्जन गांव-ढाणियों के मरीज आते हैं।
इसमें गोविंदपुरा, जस्सीकाबास, ठीकरिया, झड़ाया, भोपालपुरा, चौकड़ी आदि गांव शामिल हैं। इधर, अस्पताल में डॉक्टर नहीं बैठने के मामले में ब्लॉक सीएमएचओं मुकेश डिग्रीवाल का कहना है कि स्टाफ की कमी के कारण मरीजों को असुविधा हो रही है। जल्द ही समाधान निकाला जाएगा।
बैंक कर्मचारी व प्रशासनिक अधिकारी नही पहुंचने पर जताया विरोध : टोडा
समीप के बालेश्वर में केन्द्रीय सहकारी बैंक व पीएनबी बैंक द्वारा सामाजिक सुरक्षा पेंशन वितरण शिविर लगाया गया। इसमें पीएनबी के कर्मचारी व प्रशासनिक अधिकारियों के नहींं पहुंचने पर ग्रामीणों ने विरोध भी जताया।
ग्रामीणों का आरोप था कि शिविर में कर्मचारी व प्रशासनिक अधिकारियों के नहीं आने पर लोगों को फायदा नहीं मिला। हालांकि शिविर 16 फरवरी तक लगेगा। जानकारी के मुताबिक शिविर के पहले दिन 15 खाताधारकों को पैंशन वितरण की गई। वहीं 12 उपभोक्ताओं से एटीएम एवं डेबिट कार्ड के फार्म भरवाएं गए। शिविर में सर्वर की समस्या के चलते भी कार्य प्रभावित हुआ।