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पटवार भर्ती: आईएएस लेवल का था पेपर, कट ऑफ 40 फीसदी तक की संभावना

5 वर्ष पहले
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सीकर। पटवारी प्रारंभिक भर्ती शनिवार को हुई। परीक्षा के लिए 39752 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें से 27,804 अभ्यर्थी शामिल हुए। दैनिक भास्कर ने पटवार भर्ती के पेपर का एक्सपर्ट्स की मदद से पूरा विश्लेषण किया है। उनकी राय में पटवार भर्ती का पेपर आईएएस और आरएएस परीक्षा की तुलना का रहा।
अब तक की परीक्षाओं में सबसे कठिन पेपर माना जा सकता है। सवाल ऐसे थे, जिन्होंने सबजेक्ट की पूरी स्टडी की है, वे ही सवालों के जवाब दे सके। सवाल सीधे-सीधे न होकर घुमाकर पूछे गए थे। एक्सपर्ट की राय में परीक्षा की कट ऑफ 35 से 40 फीसदी के बीच रह सकती है। एक्सपर्ट चेतन जोशी और अरविंद भास्कर ने बताया कि प्रश्न-पत्र का लेवल आईएएस व आरएएस परीक्षा जैसे था। समुलित करने वाले सवाल ज्यादा थे। इसलिए मेरिट नीचे रहने की संभावना है। साइंस के सवालों में भी समुलित कराया गया। विज्ञान में सीबीएसई की 12वीं की पुस्तकों से भी लिए गए। इसके अलावा जीके के सवाल भी थोड़े हटकर थे। ज्योग्राफी, इतिहास के सवाल ज्यादा पूछे गए। मैथ्स के सवाल मीडियम थे। उन्होंने बताया कि कम्प्यूटर से जुड़े सवाल कक्षा 11 व 12वीं के लेवल थे। एक्सपर्ट मानते हैं कि तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को इस पेपर का सीधा फायदा होगा।

वाॅट्सएप पर आया पेपर, बोर्ड ने नहीं माना
परीक्षा से पहले वाॅट्सएप पर पेपर वायरल हो गया। हालांकि अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड ने इसे अफवाह बताया। जबकि पेपर वाॅट्सएप पर दिनभर चलता रहा। जानकारों का कहना है कि परीक्षा में आया पेपर समान ही था। किसी परीक्षा सेंटर से पेपर की फोटो खिंचकर इसे वायरल किया गया है। परीक्षा में आया पेपर से पूरा पेपर मिलान हो रहा था। अभ्यर्थियों ने पेपर की जांच की मांग की।
पहली बार पूछे गए सवालों ने उलझाया, 1950 में लिखी पुस्तकों में ही ऐसे सवाल
1. इतिहास में तात्या टोपे को फांसी देना ब्रिटिश सरकार का अपराध समझा जाएगा और आने वाली पीढ़ी पूछेगी कि इस सजा के लिए किसने स्वीकृति दी और किसने पुष्टि की? ये बयान किसने कहा? एक्सपर्ट की राय में ऐसे सवालों के जवाब वे ही अभ्यर्थी दे सकते हैं, जिन्होंने एक सब्जेक्ट को बहुत ज्यादा गहराई से पढ़ा और समझा हो।

2.चिड़ावा का गांधी किसे कहा गया है? ऐसे विषय साल 1950 में लिखी गई पुस्तकों में ही मिलेंगे। जबकि चिड़ावा के पुराने बुजुर्ग भी ऐसे सवालों के उत्तर शायद ही दे पाए। इसका जवाब है प्यारेलाल गुप्ता। यह अलीगढ़ से 1922 में चिड़ावा आए थे। इन्होंने अमर सेवा समिति की स्थापना करके स्कूल खोला था। उस वक्त उन्हें चिड़ावा का गांधी कहा गया।
छात्रा को नकल कराने की शिकायत की, पुलिस ने नहीं लिखी रिपोर्ट
एक केंद्र पर नकल का विरोध करने पर अभ्यर्थी काफी देर तक सेंटर पर बैठाया रखा और पुलिस ने भी शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया। हालांकि प्रशासन ने परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया है। जयपुर के रमन शर्मा को सीकर में परीक्षा सेंटर मिला था। उसका आरोप है कि परीक्षा के दौरान वीडियोग्राफर एक छात्रा को नकल करवा रहा था। परीक्षा केंद्र पर वीक्षकों को शिकायत की तो उन्होंने वीडियोग्राफर को बाहर कर दिया। लेकिन बाद में शिकायत देने की बात कही तो उन्होंने सेंटर पर ही रोक दिया गया। परीक्षा खत्म होने के काफी देर बाद उसे भेजा गया। परीक्षा के बाद वह उद्योग नगर पुलिस थाने पहुंचा लेकिन वहां पर भी उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। छात्र ने बताया कि परीक्षा में गड़बड़ी हुई है लेकिन पुलिस ने भी रिपोर्ट दर्ज करने से इनकार कर दिया। नीमकाथाना महिला महाविद्यालय में एक परीक्षार्थी देरी से पहुंचा। इसके चलते उसे प्रवेश नहीं दिया गया। ऐसे में युवक आक्रोशित हो गया। उसने कर्मचारियों व पुलिस के साथ अभद्रता की। इस पर पुलिस उसे थाने ले गई।
कई देरी से पहुंचे, नहीं दे सके परीक्षा
कई अभ्यर्थी देरी पर पहुंचने के कारण परीक्षा नहीं दे सके। वहीं, अभ्यर्थियों के जूते, मफलर व सर्दी वाले कोट भी खुलवाए गए। अभ्यर्थियों की गहन जांच की गई। परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाए गए थे। महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
अभ्यर्थी यहां कर सकते हैं शिकायत : पटवार भर्ती में सवालों पर आपत्ति ऑनलाइन दर्ज कराई जा सकती है। अभ्यर्थी http://rsmssb.rajasthan.gov.in/patwar/onlinecomplaintregistration_v3.aspx पर जाकर सवालों पर आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।