लक्ष्मणगढ़. शिव कॉलोनी के लिए सिरदर्द बनी जलभराव की समस्या के समाधान के लिए दो साल तक पालिका से गुहार लगाने के बाद लोगों ने समस्या से हार मानने की बजाय स्वयं इसका समाधान ढूंढ़ निकाला। कॉलोनी के लोगों ने अपने स्तर पर पानी निकासी के लिए प्रत्येक घर के आगे सोखते कुएं बनवाने का निर्णय किया और बैठक के दूसरे दिन यानी एक फरवरी को ही इस पर काम भी शुरू कर दिया।
पालिका को दिया भरपूर राजस्व, फिर भी उपेक्षित : सीकर रोड स्थित शिव कॉलोनी उपखंड मुख्यालय की चुनिंदा कॉलोनियों में से है। इसने नियमन शुल्क, निर्माण स्वीकृति शुल्क के रूप में पालिका को बड़ी रकम राजस्व के रूप में दी है, लेकिन पालिका ने बदले में इसी कॉलोनी की उपेक्षा की है। खास बात ये है कि कॉलोनी के सभी भूखंडों का नियमन कराया हुआ है।
बरसात के दिनों में मुख्य सड़क से कॉलोनी के अंदर जाने वाला रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध हो जाता है। इससे लोगों का आना जाना भी बड़ी मुश्किल से हो पाता है। समस्या के समाधान के लिए कॉलोनी निवासी व वनस्पति वैज्ञानिक डॉ. केबी शर्मा ने ईओ से लेकर डीएलबी निदेशक व संपर्क पोर्टल तक शिकायत की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
कमेटी ने घर-घर से जुटाए 10-10 हजार रुपए
कॉलोनी के लिए विकास के लिए गठित शिव कॉलोनी विकास समिति कार्यरत है। 31 जनवरी को कॉलोनीवासियों की बैठक हुई। इसमें सहमति बनी कि हर घर के आगे सोखता गड्ढा खुदवाया जाए, लेकिन सभी के लिए समय की कमी एवं अपनी निजी समस्याएं थी। उन्हें ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया गया कि एक समिति गठित कर दी जाए जो पूरी कॉलोनी में सीमेंट के रिंगवाले सोखते कुएं बनवाएगी।
सात सदस्यीय कमेटी का गठन हुआ। इसने कॉलोनी के 42 घरों से शुरुआत में 10-10 हजार रुपए प्रति घर के हिसाब से राशि एकत्र कर काम शुरू किया गया।10 दिन में करीब दर्जनभर घरों के आगे सीमेंटेड रिंगवाले सोखते कुएं खुद चुके हैं।