सीकर. तीन साल आवेदन के बावजूद हज से वंचित और 70 साल से ज्यादा उम्र के आवेदकों की रिजर्व कैटेगरी में इस बार इतने आवेदन आ गए कि नये व सामान्य आवेदक मुश्किल से ही हज पर जा सकेंगे। सामान्य आवेदकों का नंबर बची-खुची सीटों पर ही आएगा या फिर निर्धारित कोटे में सीटें बढ़ने पर उनके जाने की उम्मीद की जा सकती है।
अब तक आए आवेदनों में रिजर्व कैटेगरी के 3070 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि अभी फार्म जमा कराने के लिए सोमवार को आखिरी दिन है। उधर निर्धारित कोटा केवल 3250 है। अब तक 13440 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। सामान्य लोगों के 10 हजार 370 आवेदन हैं, वहीं रिजर्व कैटेगरी में 3070 ने आवेदन किए। अगर रिजर्व कैटेगरी के आवेदकों की संख्या 3250 पार हो जाती है तो एक भी सामान्य आवेदक हज पर नहीं जा सकेगा।
इस तरह से शुरू हुई रिजर्व कैटेगरी
तत्कालीन हज कमेटी सदस्य हाजी मोहम्मद शाहिद ने बताया कि 2009 में 149 सीटें अतिरिक्त बढ़ाई गईं। तब हज कमेटी ने इन बढ़ी सीटों को ऐसे लोगों को आवंटित करने का निर्णय लिया जो बुजुर्ग हैं और लगातार आवेदन के बावजूद हज पर नहीं जा रहे हैं। ऐसे में 2 दिन शिविर लगाया गया, पहले दिन 80 साल से ज्यादा उम्र के आवेदकों को मौका दिया गया, फिर भी सीटें बच गईं तो 3 साल अावेदन करने वालों को चुना गया।
रिजर्व कैटेगरी के 150 फार्म जमा नहीं
राजस्थान हज वेलफेयर सोसायटी अब तक रिजर्व कैटेगरी के 160 फार्म जमा करा चुकी है। उसके बाद रिजर्व कैटेगरी में 150 फार्म और आ गए, जो अभी तक जमा नहीं कराए। ऐसे में संभावना जताई जा रही है पूरे प्रदेश से काफी तादाद में ऐसे फार्म पहुंचेंगे।