सीकर। मंगलवार शाम से लापता एक युवक का शव बुधवार सुबह खून से लथपथ हालत में चंदवाजी स्थित राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मिला। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि चंदवाजी थाने पर उन्हें यह कहकर भगा दिया गया कि थानेदार सो रहे हैं। सुबह आठ बजे उठेंगे तब आना। गुस्साए ग्रामीणों एवं परिजनों ने राष्ट्रीय राजमार्ग आठ पर करीब 20 मिनट तक जाम लगाया।
मामले में मौके पर पहुंचे एएसपी जयपुर मुख्यालय डॉ. रामेश्वर सिंह ने चंदवाजी थाना पुलिस उपनिरीक्षक रामस्वरूप को निलंबित कर दिया। मृतक के परिजनों ने बताया कि कस्बे के मोहल्ला अंडेसरी निवासी शशिकांत शर्मा (16) पुत्र सांवरमल शर्मा जयपुर जिले के चंदवाजी में अपनी बहन के पास तीन दिन से रह रहा था। मंगलवार शाम को मानगढ़ निवासी भानुप्रताप नाम के एक व्यक्ति का फोन आया था। शशिकांत उससे बात करता हुआ निकल गया। इसके बाद वह वापस नहीं आया।
इसके बाद उसके बहनोई व परिजनों ने काफी तलाश किया। नहीं मिलने पर गुमशुदगी दर्ज करवाने पुलिस थानों के चक्कर काटे। बुधवार सुबह उसका का खून में लथपथ शव चंदवाजी पीएचसी में मिला। उसके गले पर धारदार हथियार से वार किए गए थे।
घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने चंदवाजी में नेशनल हाईवे पर जाम लगाकर विरोध-प्रदर्शन किया। चंदवाजी थाना प्रभारी अशोक कुमार ने समझाइश कर जाम खुलवाया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयपुर मुख्यालय डॉ. रामेश्वर सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। एसआई रामस्वरूप को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। चंदवाजी, अमरसर , गोविंदगढ़, अजीतगढ़ व थाना पुलिस की टीमें गठित की गई हैं जो आरोपियों की तलाश कर रही है।
रात भर टलाती रही पुलिस:
मृतक के चाचा मातादीन ने बताया कि शशिकांत अजीतगढ़ में अपने पिता की डीजे साउंड की दुकान पर ही काम करता था। पिछले तीन दिन से यहां चंदवाजी अपनी बहन के घर आया हुआ था। परिजन गुमशुदगी व अपहरण का मामला दर्ज कराने के लिए चंदवाजी व अजीतगढ़ थाने के चक्कर काटते रहे, लेकिन कहीं भी मामला दर्ज नहीं किया गया। अजीतगढ़ से चंदवाजी थाने भेज दिया गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस समय पर मामला दर्ज कर जांच में जुट जाती तो हादसा नहीं होता।