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  • डिस्पेंसरी की दवाएं पड़ोसी घरों के फ्रिज में

अस्पतालों में दवाई रखने के लिए फ्रीज तक नहीं पड़ोसी के घर में रख रहे

7 वर्ष पहले
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(सिटी डिस्पेंसरी नं.1 पर टेबल पर कर रखी है जांच सहित अन्य सुविधाएं)
सीकर। चिकित्सा मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने प्रदेश के तमाम अस्पतालों की स्थिति सुधारने के लिए दस से 25 दिसंबर तक विशेष निरीक्षण के निर्देश दिए हैं। इस दौरान देखा जाएगा कि कहां-कैसे हालात हैं और क्या जरूरत हैं। भास्कर टीम ने इस अभियान से पहले जिले के अस्पतालों, डिस्पेंसरी और स्वास्थ्य केंद्रों की ग्राउंड रिपोर्ट जुटाई। इस दरमियान कई जगह चौंकाने वाले हालात मिले।

शहर की सिटी डिस्पेंसरी नंबर दो में सालों से फ्रिज नहीं है। ऐसे में दवाइयों को खराब होने से बचाने के लिए पड़ौसी घरों के फ्रिज में रखते हैं। ऐसा ही एक उदाहरण है शहर की सिटी डिस्पेंसरी नंबर एक। यहां हर दिन 125 का आउटडोर है लेकिन जांच के लिए सिर्फ एक टेबल हैं। ड्रेसिंग व इंजेक्शन रूम नहीं होने के कारण मरीजों को एसके अस्पताल के लिए रैफर कर दिया जाता है। जिले के स्वास्थ्य केंद्रों के भी कुछ ऐसे ही हाल हैं। जिले के सबसे बड़े अस्पताल सीकर के एसके अस्पताल में भी खामियों का भंडार है। यहां कई सुविधाएं नहीं हैं तो बजट के अभाव में रिनोवेशन का काम तेजी नहीं पकड़ पा रहा है। वार्डों में सफाई के हाल बदतर दिखाई देते है और मरीज व उनके परिजनों को काफी परेशानी होती है।
विवादों में रहने वाले एसके अस्पताल में भी हाल बेहाल हैं। 10 साल से यहां रेडियोलोजिस्ट नहीं है। यह तब है, जब चार जिलों के मरीज इलाज के लिए यहां आते हैं। अस्पताल में एक रेडियोलोजिस्ट संविदा पर लगाया गया है। अस्पताल में हर दिन दर्जनभर सीटी स्केन सहित सौ के करीब एक्सरे होते हैं। डिजिटल एक्सरे मशीन नहीं होने से दो दर्जन के करीब मरीजों को एक्सरे मजबूरी में बाहर कराना पड़ता है। 450 प्रकार की दवा के बदले भी 250 तरह की दवाओं से काम चलाया जा रहा है। इंसुलिन तक के इंजेक्शन अस्पताल में 10 दिनों से नहीं है।
शव को गाड़ी में रखकर बितानी पड़ती है रात

खाटूश्यामजी एवं आसपास के सीएचसी एवं पीएचसी अस्पतालों में कई खामियां देखने को मिली। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर मोर्चरी रूम नहीं होने से कई बार ग्रामीणों को शव को गाड़ी में ही रखकर पूरी रात बितानी पड़ती है। पोस्टमार्टम भी खुले मे करना पड़ता है। ओटी में उपकरण धूल फांक रहे हैं। सीएचसी प्रभारी डा लक्ष्मण सिंह ओला के अनुसार पूरे ब्लॉक मे एएनएम की कमी चल रही है।
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