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कलेक्टर की क्लास में अंग्रेजी में फेल हुए बच्चे, खुद का नाम तक नहीं लिख सके

6 वर्ष पहले
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सीकर। संबलन अभियान के तहत गुरुवार को भी सरकारी स्कूलों का निरीक्षण किया। कलेक्टर एलएन सोनी ने भी दो स्कूलों में बच्चों की क्लास ली। उन्होंने गुसाड़ा जोहड़ा भैरुपुरा के राजकीय प्राथमिक स्कूल का निरीक्षण किया। यहां पर कक्षा एक व चार और कक्षा तीन व पांच को एक ही जगह बैठा रखा था। स्कूल में सिर्फ 14 का ही नामांकन हैं। नर्सरी क्लास के बच्चों से कलेक्टर ने च अक्षर लिखवाया तो वे लिख नहीं सके।
शिक्षकों ने तर्क दिया कि इन बच्चों ने इसी सत्र में दाखिला लिया है। इसलिए इन्हें ज्यादा नहीं पता। इसके बाद कलेक्टर ने राजकीय माध्यमिक स्कूल उदयदास की ढाणी का निरीक्षण किया। यहां पर सातवीं क्लास में एक विद्यार्थी विकास अपने नाम की अंग्रेजी में स्पेलिंग नहीं लिख पाया। हालांकि मैथ्स के सवाल हल करने में बच्चे आगे रहे।

आठवीं क्लास के बच्चे अंग्रेजी में फिसड्डी साबित हुए। वे मनी व पॉसिबल जैसे शब्दों की स्पेलिंग नहीं लिख सके। यहां पर कमरों के अभाव के कारण चार क्लासों को खुले में बैठा रखा था। कलेक्टर ने शिक्षकों को हिदायत दी कि वे बच्चों की पढ़ाई पर फोकस करें। निरीक्षण के दौरान साक्षरता अधिकारी राकेश लाटा भी मौजूद थे। इसी तरह जिला परिषद सीईओ कैलाशनारायण मीणा ने नायकान मोहल्ले के राजकीय प्राथमिक स्कूल का निरीक्षण किया। इस दौरान एसएसए के सरदारसिंह उपस्थित थे। श्रीमाधोपुर के आरपी मुकेश निठारवाल ने राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल भवानीपुरा की नब्ज टटोली। यहां पर शैक्षणिक स्तर तो ठीक मिला लेकिन सामने आया कि 26 दिन से पोषाहार उपलब्ध नहीं होने के कारण मिड-डे मील नहीं पकाया जा रहा है। पुस्तकालय में भी दो महीने से किसी भी विद्यार्थी को पुस्तकें नहीं दी गई है।

136 अफसरों ने किया निरीक्षण : सर्वशिक्षा अभियान के संबलन अभियान में 136 अफसरों ने निरीक्षण किया। ज्यादातर स्कूलों में शैक्षणिक स्तर में सुधार बताया गया है। जबकि कई जगह अंग्रेजी व मैथ्स में बच्चों का स्तर अभी भी कमजोर हैं। इनकी रिपोर्ट अगले एक सप्ताह में तैयार हो जाएगी।