सीकर.खुद के आदर्श मजबूत नहीं होंगे तो सिस्टम में राजनीति हावी होगी ही। काम अटकेंगे। कई परेशानियां भी आएंगी। ड्यूटी के लिए ईमानदार हैं तो देश और जिस जिले की जिम्मेदारी आपके पास हैं, उसकी तस्वीर बदलने के लिए कोई नहीं रोक सकता। यह मानना है, यूपीएससी की सिविल सर्विस परीक्षा में तीसरी रैंक पर रही स्तुति चारण का। दैनिक भास्कर से विशेष बातचीत में स्तुति ने कहा, मैं कई ऐसे अफसरों से मिली हूं जो अपने आदर्श पर हमेशा डटे रहे। कभी भी नहीं झुके। उनसे मैंने बहुत कुछ सीखा है।
खुद पर भरोसा होगा तो अधीनस्थ भी काम करेंगे। स्तुति ने कहा कि सफल होने के लिए हर वक्त अपडेट रहें। मोबाइल एप्स व इंटरनेट मदद कर सकते हैं। फेसबुक व सोशल साइट्स के जरिए भी कई विषयों पर चर्चा कर सकते हैं। बेटियों की सफलता जाहिर करती है कि बेटी जो खुशी दे सकती है वह बेटा कभी नहीं दे सकता। स्तुति के पिता रामकरण आरएसडब्ल्यूसी में डिप्टी डायरेक्टर हैं। वहीं मां सुमन जयपुर में स्कूल लेक्चरर हैं। स्तुति गुरुवार को एक सम्मान समारोह के लिए यहां आई थीं।