सीकर। विभिन्न मांगों को लेकर जनसंगठनों के संयुक्त मंच के बैनर तले हुए प्रदर्शन से पहले सीकर कृषि उपज मंडी में जन संगठनों की सभा हुई। जिसमें पदाधिकारियों ने सरकार की नीतियों को आड़े हाथों लिया।
अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमराराम ने सभा को संबोधित करते हुए कहा सरकार किसानों से भूमि छीनने की कुचेष्टा कर रही है। धरती हमारी मां है, इस पर अंगुली उठाई तो जवाब देंगे। सरकार भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन कर किसानों का हक छीनने की कोशिश की है।
सभा में पेमाराम ने कहा सरकार के ही एक विधायक ने समस्या लेकर पहुंची एक युवती को सुरक्षा मांगने पर कहा कि रास्ता बदल लो वरना कुछ भी हो सकता है, तो दूसरे ने कहा मेरे पास काम ज्यादा है। माकपा नेता वासुदेव ने किसान, मजदूर और महिलाओं के साथ अत्याचार को लेकर भाजपा-कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। सभा को धोद प्रधान उस्मान खां, छात्र संघ अध्यक्ष सुरेश ढाका, बबीता बाजिया, ओमप्रकाश यादव, रामप्रसाद जांगिड़, रामवतार लांबा, बीएस मील आिद ने संबोधित किया।
कलेक्ट्रेट पहुंचते ही पुलिस से उलझे
सभा के बाद संयुक्त मंच की अगुवाई में नारेबाजी करते हुए लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान पुलिस ने कलेक्ट्रेट का गेट बंद कर दिया। अंदर घुसने के प्रयास में कुछ युवक पुलिस से भी उलझने लगे। जन संगठनों ने भूमि अधिग्रहण कानून सहित अनेक प्रस्तावों की प्रतियों की होली जलाई। इसके बाद पूर्व विधायक पेमाराम के नेतृत्व में सीएम के नाम कलेक्टर को 12 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा।
स्वीकृति नहीं, फिर भी की मंडी में सभा
सरकार की ओर से अनुमति नहीं दिए जाने के बावजूद मंडी में सभा की गई। मंच से वक्ताओं ने कहा मंडी में किसानों की सभा नहीं होगी तो कहां जाएंगे। सभा के लिए मंडी को चुनने का मकसद था कि शहर की व्यवस्थाएं न बिगड़े।
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