सीकर। पेंशनधारियों को नोटरी किए हुए आय के शपथ पत्र देकर 50 से 100 रुपए तक अवैध रूप से वसूले जा रहे हैं। धोद में अब तक करीब 250 लोगों को ठगा जा चुका हैं। सभी को शपथ पत्र जमा करना जरूरी बताकर ठगी का शिकार बनाया गया है।
भामाशाह शिविर में पेंशनधारकों का वेरिफिकेशन किया जा रहा है। जिसमें उन्हें आय का प्रमाणपत्र देना है। धोद में 17 को शिविर है। इसी का फायदा उठाते हुए लोगों से अवैध तरीके से पैसे वसूले जा रहे हैं। जबकि सरकार की तरफ से शपथ पत्र की अनिवार्यता नहीं रखी गई है।
खुद कर सकते हैं स्वयं का सत्यापन
पड़ताल में सामने आया है कि मामले में एक गिरोह सक्रिय है। बाकायदा डाकियों के साथ मिलकर पेंशनधारकों की सूची भी ली गई है। धोद के श्रीराम टेलर से 50 रुपए लेकर इन्हें शपथ पत्र भी दे दिया गया।
टेलर ने बताया कि शपथ पत्र देने वाला व्यक्ति दुकान पर आया था। उसने अपने आपको सरकारी कर्मचारी बताया और कहा कि उसे शपथ पत्र बांटने का टेंडर मिला है। अब तक धोद में कई लोगों को यह शपथ पत्र बांटे जा चुके हैं। ग्रामीण शपथ पत्र लेकर सरपंच के पास हस्ताक्षर कराने पहुंचे। सरपंच ने जब इसकी जांच की तो पाया कि यह फर्जी है। सरपंच ने ऐसे कई शपथ पत्र जब्त किए हैं।
नियमानुसार एेसा जरूरी नहीं
जिला भामाशाह अधिकारी व सांख्यिकी विभाग के सहायक निदेशक नरेंद्र भास्कर ने बताया कि भामाशाह शिविर के लिए पेंशनधारकों का वेरिफिकेशन किया जा रहा है। आय प्रमाण मांगा जा रहा है लेकिन इसमें सरकार ने नोटेरी और स्टांप की अनिवार्यता नहीं रखी है।
किसी भी ग्राम सेवक और पटवारी के स्तर पर भी वेरिफिकेशन किया जा सकता है। स्वयं का घोषणा पत्र भी दिया जा सकता है। वार्ड पार्षद, सरपंच आदि से सत्यापित प्रमाण पत्र भी आय प्रमाण पत्र के सहायक दस्तावेज के रूप में लिया जा सकता है।
इन्होंने बताया-
' धोद क्षेत्र में 250 से ज्यादा शपथ पत्र पैसे लेकर बांटे जा चुके हैं। जब मैंने व्यक्ति से संपर्क किया तो वह आया ही नहीं। ऐसे शपथ पत्र जब्त कर रहा हूं। शिविर के दौरान अधिकारियों के सामने यह मामला रखा जाएगा।'
- संगीता खोकर, सरपंच
' भामाशाह शिविर के लिए रुपए लेकर शपथ पत्र बांटे जा रहे तो गलत हैं। पीिड़त लोग एसडीएम और तहसीलदार को शिकायत करें। मामले में कार्रवाई जरूर होगी।'
- कमलराम मीणा, सीईओ व नोडल अधिकारी