सीकर. जयपुर-सीकर हाईवे पर अखैपुरा के पास शुक्रवार को टोल बूथ शुरू होते ही विरोध शुरू हो गया। ग्रामीणों ने 18 पंचायतों को टैक्स में छूट देने और काम पूरा नहीं होने तक टैक्स नहीं वसूलने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया और जाम लगाया। दिलचस्प बात यह रही कि टोल बूथ के कारण एक व्यक्ति को चीनी जहां 90 रुपए की मिली वहीं डीजल 55 रुपए महंगा पड़ा।
इस बीच एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर वीके सिंह बातचीत के लिए पहुंचे। वे बातचीत बीच में छोड़कर जाने लगे तो ग्रामीणों ने कमरे को बाहर से बंद कर दिया। देर शाम तक सुलह का दौर चलता रहा। मांगें मानने के आश्वासन के बाद देर शाम मामला सुलझा।
नेशनल हाईवे पर अखैपुरा (रानोली) के पास शुरू हुए टोल टैक्स का विरोध शुरू हो गया है। शुक्रवार को क्षेत्र के ग्रामीणों ने इसके विरोध में प्रदर्शन किया और हाईवे पर जाम लगाया। दिन भर प्रदर्शन के बाद शाम को बातचीत के लिए एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर पहुंचे। वे मांगों पर वार्ता बीच में छोड़कर जाने लगे तो पीडी वीके सिंह को लोगों ने कमरा बंद कर रोका।
देर शाम तक पुलिस ग्रामीणों और एनएचएआई के अधिकारियों के बीच वार्ता करवा रही थी। ग्रामीणों ने 18 पंचायतों को टोल टैक्स से मुक्त रखने जैसी कई मांगें रखी। लंबी वार्ता के बाद देर शाम मामला सुलझ गया।
शुक्रवार सुबह टोल टैक्स वसूली करते देख ग्रामीण नाराज हो गए। कुछ ही देर में आसपास के लोग टोल के पास एकत्रित हो गए और टैक्स का विरोध शुरू कर दिया। लोगों ने कहा कि अभी तक पलसाना के पास सड़क अधूरी है। ग्रामीणों ने की मांग की कि नजदीक के गांवों के वाहनों को टोल के दायरे से बाहर रखा जाए या छूट मिले।
कुछ ही देर में ग्रामीणों ने हाईवे को जाम कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आश्वासन दिया कि नेशनल हाईवे के अधिकारी आ रहे हैं। उनसे बातचीत के बाद कोई रास्ता निकलेगा। कुछ ही देर में एएसपी प्रकाश कुमार शर्मा भी आ गए। उन्होंने भी ग्रामीणों को यहीं आश्वासन दिया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे।
शाम करीब पांच बजे पीडी वीके सिंह आए। ग्रामीणों ने जब आठ मांगें रखी तो पीडी उखड़ गए। यह कहकर बाहर जाने लगे कि यह मामले नेशनल स्तर पर तय होते हैं और वे इसमें कुछ नहीं कर सकते। इस पर ग्रामीणों ने कमरे को अंदर से बंद करके पीडी को कमरे में ही रोक लिया। लोगों ने पीडी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और टोल टैक्स बंद करने की मांग करने लगे।
लंबी वार्ता के बाद देर शाम एनएचएआई के अधिकारियों, ठेकेदार और ग्रामीणों के बीच समझौता हो गया। एनएचआई के अधिकारियों ने भरोसा दिया कि स्थानीय वाहनों के लिए नियमानुसार, रियायत कर दी जाएगी।
इसके अलावा अधूरे काम का मामला जमीन की वजह से अटका है, जिसे जमीन मिलने पर पूरा करा दिया जाएगा। इधर, प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें रियायत का अाश्वासन दिया है। इसके बाद मामला शांत हो गया।
टोल का असर
90 रुपए में मिली एक किलो चीनी, 55 रुपए महंगा पड़ा एक लीटर डीजल
टोल टैक्स का असर भी कम दिलचस्प नहीं है। अखैपुरा का हरफूल कार से तीन किमी दूर रानाेली चीनी लेने गया था। 55 रुपए(24 घंटे के भीतर वापसी में यहीं टैक्स लगता है) का टोल चुकाने पर 35 रुपए प्रतिकिलो की चीनी 90 रुपए में पड़ गई। ऐसी ही स्थिति किशनपुरा के महेंद्रसिंह की है। वह चार किमी दूर रानोली में अपनी बोलेरो में डीजल भरवाने गया तो 55 रुपए ज्यादा पड़े।
' रियायत के बारे में ग्रामीणों को बता दिया है। अधूरी सड़क जमीन का मामला सुलझते ही बना दी जाएगी। यदि कोई अन्य वाजिब मांग हैं तो उस पर हैडक्वार्टर के स्तर पर ही विचार हो सकता है।'
- वीके सिंह, प्रोजेक्ट डायरेक्ट एनएचएआई
' ग्रामीणों को पुलिस, नेशनल हाईवे ऑथोरिटी अधिकारियों की मौजूदगी में समझा दिया गया। नियमों के तहत दी जाने वाली रियायत से भी उनकाे अवगत करा दिया है। मामला शांत हो गया है।'
क्षितिज चौधरी, प्रतिनििध, ठेका कंपनी शिवा कॉर्पोरेशन इंडिया लि.
आगे की स्लाइड पर देखें टोल नाके पर लगे जाम और अधिकारियों के समक्ष विरोध जताते ग्रामीणों को...