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किसानों को निजात दिलाने जांच के बाद खाद-बीज विक्रेताओं पर होगी कार्रवाई

7 वर्ष पहले
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सीकर। नकली खाद-बीज बेचने वाले विक्रेताओं पर अब तत्काल कार्रवाई होगी। सीकर डिविजन में जांच के लिए 22 इंस्पेक्टर लगाए हैं। रबी फसलों की बुआई से पहले सभी इंस्पेक्टर खाद-बीज की दुकानों में स्टॉक माल व गुणवत्ता जांच करेंगे। विक्रेता के लाइसेंस व चेक लिस्ट की जांच भी होगी। अभियान 15 अक्टूबर तक चलेगा। इसके बाद प्राप्त शिकायतों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
सहायक निदेशक कृषि गुण नियंत्रण जीवन राम बडज़ातिया ने बताया कि रबी सीजन से पहले सभी विक्रेताओं के रिकॉर्ड एवं स्टॉक की जांच की जाएगी। जिला मुख्यालय पर सात जांच इंस्पेक्टर, श्रीमाधोपुर क्षेत्र में तीन, झुंझुनूं में छह व नागौर जिले में छह इंस्पेक्टरों को जिम्मेदारी सौंपी है। सभी इंस्पेक्टर हर दिन लिए गए सैंपल प्रयोगशाला में देंगे।
गड़बड़ी मिली तो हो सकता है लाइसेंस निरस्त

नकली खाद-बीज एवं कीटनाशक बेचने वाले विक्रेता के खिलाफ लाइसेंस रद्द करने, मुकदमा दर्ज कराने व स्टॉक सीज करने जैसी कार्रवाई हो सकती है। इसके अलावा बिक्री पर रोक लगाने की कार्रवाई की जाएगी। खाद-बीज व कीटनाशक में लगातार तीन साल से किसान गड़बड़ी की शिकायत कर रहे हैं।
वर्ष 2014 में खरीफ सीजन में किसानों ने कुछ निजी बीज में गड़बड़ी होने की शिकायत की थी। इससे पहले वर्ष 2013 व 2012 में सरसों व जौ के बीज में मिलावट की शिकायत की थी। सरसों व बाजरे के मिलावटी बीज से किसानों को काफी नुकसान भी हुआ था।