सांकेतिक चित्र
सीकर। लांपुवा गांव में 27 अगस्त को हुए लाठीचार्ज के मामले में रींगस थाने के एसआई, एएसआई और श्रीमाधोपुर पंचायत समिति के उपप्रधान सहित 15 जनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। इन पर मारपीट, जातिसूचक अपशब्द कहने और झूठे मुकदमे में फंसाने का आरोप है। मामले की जांच डीएसपी को दी गई है।
नीमकाथाना डीएसपी शिवलाल बैरवा ने बताया कि ढाणी गौरावाली तन लांपुवा के रिछपाल ने मामला दर्ज कराया है। उसने आरोप लगाया है कि 27 अगस्त को श्रवणसिंह, रामेश्वर लाल, मदनलाल, गोपीराम, भंवरी देवी, रामेश्वरी देवी, गीता देवी, बिमला देवी, संतोष देवी आदि लांपुवा जोहड़े के बाबा रामदेव मंदिर में पूजा कर रहे थे। इसी दौरान एसआई भीमसिंह करीब 10 कांस्टेबलों को साथ लेकर आए और थाने ले जाकर हवालात में डाल दिया।
मामले में एसआई किशनलाल, एएसआई रामवतार, पंचायत समिति श्रीमाधोपुर के उपप्रधान विजयसिंह लांपुवा सहित 15 लोगों को नामजद किया है।
इनका कहना-
' मामला दर्ज होने के बाद मुकदमा करवाने वाले पक्ष को बुलवाया था। वे आए, उस दिन बाहर होने के बाद मुलाकात नहीं हो पाई। दुबारा बुलवाया है। अब रींगस में डीएसपी लग गए हैं। इसलिए फाइल डीएसपी सतीश कुमार जांगिड़ को भेजेंगे। '
शिवलाल बैरवा, डीएसपी नीमकाथाना
' अभी फाइल नहीं मिली है। फाइल मिलने के बाद मामले को समझकर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।'
सतीश जांगिड़, डीएसपी रींगस
' पुलिस व जनता के बीच मारपीट हुई थी। इसके बाद पुलिस ने लोगों को गिरफ्तार किया था। यह मामला पुलिस से जुड़ा है। मेरा इस प्रकरण से कोई लेना देना नहीं है।'
विजयसिंह, उपप्रधान श्रीमाधोपुर