सीकर। एसके अस्पताल फिर विवादों में है। इस बार स्टाफ पर डिलीवरी के बाद प्रसूता और परिजनों से 700 रुपए वसूलने का आरोप है। परिजनों का आराेप है कि एक घंटे तक प्रसूता व नवजात को लेबर रूम से बाहर नहीं निकाला। इस वजह से प्रसूता एकबारगी चक्कर खाकर गिर पड़ी। आखिरकार बधाई के तौर पर 700 मिलने पर बाहर निकाला।
इसकेे बाद भी स्टाफ ने प्रसूता को नहीं संभाला तो परिजनों ने हंगामा कर दिया। अस्पताल प्रशासन ने स्टाफ को सख्त हिदायत दी। इस दौरान परिजन खुद को धोद विधायक गोरधन वर्मा के परिचित बताते रहेे। हालांकि विधायक का कहना कि उनसे अभी तक किसी परिचित ने इस घटना के बारे में बात नहीं की है।
जानकारी के अनुसार, लक्ष्मणगढ़ के खातीवास की किरण को गुरुवार दोपहर एक बजे एसके अस्पताल में डिलीवरी के लिए भर्ती कराया था। किरण के पति ओमप्रकाश का कहना है देर रात डिलीवरी हो गई। लड़का होने के बाद वार्ड में मौजूद नर्सिंग स्टाफ ने पैसे मांग लिए। पैसे देने के लिए मना किया तो पत्नी व बच्चे को एक घंटे तक लेबर रूम में ही रोके रखा। इस वजह से किरण को चक्कर आया और नीचे गिर गई। 700 रुपए दिए तो दोनों को बाहर निकाला। ओमप्रकाश का कहना है इसकी शिकायत नर्सिंग अधीक्षक से की है।