कालाबाजारी के मामलों में दो साल में एक भी एफआईआर नहीं

9 वर्ष पहले
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सीकर।

राशन वितरण में गड़बड़ी की लगातार शिकायतें और कालाबाजारी के मामले सामने आने के बावजूद जिले में दो साल में एक भी राशन डीलर के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं करवाई गई है। जबकि ऐसा नहीं है कि कालाबाजारी के मामले सामने नहीं आए। शिकायत के बाद कालाबाजारी के मामले भी पकड़े गए। विभाग ने कार्रवाई की लेकिन वह लाइसेंस निलंबित और निरस्तीकरण तक सीमित रही। राजनीतिक दबाव में कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी। इधर, जयपुर में पांच, बाड़मेर में तीन, भरतपुर व उदयपुर में तीन तीन मामलों में कालाबाजारी पर एफआईआर दर्ज करवाई गई है।


मार्च 2012 तक सीकर व चूरू में कालाबाजारी पकडऩे के लिए न कोई छापामार कार्रवाई की गई न किसी के खिलाफ के पुलिस में शिकायत दी गई। विभाग की ओर से सरकार को भेजी गई रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। जबकि शिकायत मिलने पर बिंजासी व सिहोट गांव में केरोसिन तथा दादिया में गेहूं वितरण सहित कई अन्य डीलरों की जांच में अनियमितता के मामले सामने आ चुके हैं। अनियमितता के कारण करीब एक दर्जन दुकानों के लाइसेंस निलंबित व निरस्त किए गए।

डीएसओ जीएल कटारिया से सीधी बात
सवाल : कालाबाजारी के कई मामले सामने आने के बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई।
जवाब : मामलों में उचित कार्रवाई की गई है। एफआईआर वाले मामले नहीं थे।
सवाल : जो मामले सामने आए उन पर क्या कार्रवाई की गई।
जवाब : अनियमितता वाले डीलरों के लाइसेंस निलंबित व निरस्त करने की कार्रवाई की गई है। एक मामले में एफआईआर के निर्देश दिए गए हैं।


कोताही है तो जांच करेंगे


॥एफआईआर मामले की स्थिति पर निर्भर करती है। कालाबाजारी के मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश हैं। फिर भी कहीं कोताही बरती जा रही है तो जांच करवाई जाएगी।
ललित मेहरा, प्रमुख शासन सचिव, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग

यह हैं बड़े मामले
काले तेल में सना रिकार्ड : जनवरी में बिंजासी व सिहोट बड़ी गांव में राशन वितरण की शिकायत मिली। जांच में सामने आया कि डीलर द्वारा आवंटन के मुताबिक सामग्री का वितरण नहीं किया गया है। डीलर से जांच के लिए मंगवाया गया। डीलर में केरोसिन से सना हुआ रिकार्ड विभाग को सौंप दिया।
कार्रवाई : जांच के बाद राशन डीलर को दोषी मानते हुए विभाग ने उसका लाइसेंस निरस्त कर दिया।
बांट दिए थे घुण लगे गेहूं : अक्टूबर में दादिया ग्राम सेवा सहकारी समिति से बीपीएल व स्टेट बीपीएल परिवारों को घुण लगा गेहूं बांटा गया। ग्रामीणों की शिकायत पर जांच की गई। इसमें अकाल राहत का गेहूं बांटने की बात सामने आई।
कार्रवाई : इस मामले में विभाग ने ग्रामीणों के बयान लिए तथा जीएसएस को दो नोटिस जारी किए।