सीकर। हनुमानजी के फोटो वाला आधार कार्ड बनाने में ऑपरेटर की बड़ी गलती सामने आई है। उसने दोस्त के साथ मिलकर हनुमानजी का फोटो व डाटा आधार सॉफ्टवेयर में दर्ज कर दिया। यूआईडी राजस्थान की प्रारंभिक जांच में यह खुलासा हुआ है। फिलहाल टीम पूरे मामले की विस्तृत जांच में लगी है।
मामले में अतिशय बी फोर्टेक लिमिटेड कंपनी चूरू के प्रोजेक्ट मैनेजर समीर महाजन ने ऑपरेटर के खिलाफ चूरू थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। जांच टीम के अनुसार, हनुमानजी के फोटो वाला आधार कार्ड चूरू में बनाया गया था। उस दौरान दांतारामगढ़ का एक व्यक्ति वहां पर लगे शिविर में ही अपना आधार कार्ड बनवा रहा था।
फिंगर प्रिंट और स्कैनिंग सही
फिंगर प्रिंट और आंखों के रेटिना तो सही लिए गए लेकिन ऑपरेटर सुजानगढ़ के मनोज नागौरी ने एक दोस्त के साथ मजाक में नाम-पता गलत लिख दिया। बताया जा रहा है कि कम्प्यूटर के सामने ही हनुमानजी का फोटो लगा हुआ था। जिसे कम्प्यूटर कैमरे से क्लिक कर लिया। बाद में ऑपरेटर ने इस डाटा को सॉफ्टवेयर में सेव कर दिया।
हैरानी की बात यह है कि सुपरवाइजर ने भी डाटा को चेक नहीं किया। सॉफ्टवेयर में एक बार डाटा सेव करने के बाद उसे सुपरवाइजर और बेंगलुरु सेंटर की टीम के अलावा कोई नहीं बदल सकता। ऐसे में यह आधार कार्ड बनकर आ गया। यूआईडी राजस्थान की टीम की शुरुआती जांच में यह तथ्य सामने आए हैं। लेकिन, टीम अभी इससे संतुष्ट नहीं है।