सीकर। सिस्टम की लापरवाही की वजह से तीन हजार अपात्र लोगों को एक करोड़ 98 लाख रुपए की पेंशन बांट दी गई। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में विधानसभा चुनाव से पहले शुरू की गई पेंशन योजना में अपात्र लोगों को भी शामिल कर लिया गया। जिले के 5443 लोगों को पेंशन योजना के दायरे से अब तक बाहर किया जा चुका है।
इनमें से करीब तीन हजार ऐसे थे, जिनकी आय योजना के दायरे से ज्यादा थी या फिर घर के सदस्य नौकरी कर रहे थे। बाकी के लोग ऐसे हैं, जिन्होंने या तो दोबारा शादी कर ली या फिर परिवार का कोई सदस्य नौकरी लग गया। फिलहाल भामाशाह शिविर में पेंशन योजना के सत्यापन का काम चल रहा है। अंदाजा लगाया जा रहा है कि जांच के बाद करीब 30 फीसदी लोग और योजना के बाहर हो जाएंगे।
कांग्रेस सरकार ने चुनाव से पहले पेंशन स्कीम शुरू की थी। इसके बाद कैंप लगाकर पेंशन स्वीकृत की गई। हैरानी की बात यह है कि अफसरों ने उस दौरान किसी भी डाटा की जांच ही नहीं की थी। जो भी आवेदन आए हैं, उनको पेंशन स्वीकृत कर दी। अब जब भाजपा सरकार पेंशन के वेरिफिकेशन करा रही है तब फर्जीवाड़े सामने आ रहे हैं।
प्रशासन के अनुसार, योजना में हर व्यक्ति को 500 रुपए की पेंशन हर महीने दी जाती है। इसमें 25 रुपए डाक खर्च और 25 रुपए स्टेशनरी सहित अन्य खर्च भी जुड़ता है। यह लोग सितंबर 2013 से पेंशन ले रहे हैं। लेकिन, किसी भी कोई शक ही नहीं हुआ। जिला कोषाधिकारी सुमेरसिंह ने बताया कि अभी 5443 लोगों को पेंशन के दायरे से बाहर किया गया है। इसकी रिपोर्ट सरकार को भेज दी गई है।
1.97 लाख लोग ले रहे हैं योजना का लाभ
अभी जिले में एक लाख 97 हजार 421 लोगों को पेंशन बांटी जा रही है। भामाशाह शिविर में पेंशन के वेरिफिकेशन में इनकी संख्या और कम होने की संभावना है। सूत्र बताते हैं कि जिले में कई सरकारी नौकरीपेशा वाले लोग भी पेंशन का लाभ ले रहे हैं।
बीडीओ व ग्राम सेवक कैसे करेंगे वेरिफिकेशन
हैरानी की बात यह है कि शिविर में बीडीओ व ग्राम सेवक वेरिफिकेशन कर रहे हैं। पेंशनधारक से आय का प्रमाण पत्र लेकर ही जांच की जा रही है। बीडीओ के पास किसी भी व्यक्ति के बारे में पूरी जानकारी नहीं है। वह सिर्फ व्यक्ति पर ही निर्भर है।
जिन्होंने नियम विरुद्ध पेंशन ली, उन पर क्या कार्रवाई
प्रारंभिक जांच के बाद जिन लोगों को पेंशन के दायरे से बाहर किया गया है, उनसे पेंशन की राशि वापस लेने का कोई निर्देश सरकार की तरफ से अभी तक नहीं मिला है। ऐसे में प्रशासन भी कोई कार्रवाई नहीं कर पा रहा।
अगर पेंशन नहीं मिल रही है तो क्या करें
अगर पेंशनधारी को एक-दो महीने से पेंशन नहीं मिल रही है तो वे तुरंत कोषाधिकारी कार्यालय से संपर्क करे। क्योंकि घर पर पेंशनधारक नहीं मिलने पर डाकिया उसकी पेंशन कोष कार्यालय को लौटा देता है। एटीओ पेंशन ललिता शर्मा ने बताया कि अगर पेंशन नहीं मिल रही है तो तुरंत कोष कार्यालय में संपर्क करना चाहिए। इस तरह के मामले बढ़ रहे हैं कि लोग कुछ महीनों बाद आते हैं कि उन्हें पेंशन नहीं मिल रही।