सीकर.लोसल पीएनबी से फर्जी तरीके से 35 लाख का लोन उठाने वाले ठग गिरोह का मास्टरमाइंड तहसीलदार से लेकर पटवारी तक की फर्जी मुहर साथ लेकर घूमता था। वह बैंक में किराए पर गाड़ी लगाता था और जान पहचान के आधार तुरंत काम करवा देता था। उसका एक साथी अभी फरार है जो मुहरें व अन्य दस्तावेज बनाता था। पुलिस ने इस मामले में उन छह लोगों की भी पहचान कर ली है जिनमें फर्जी फोटो से लोन उठा था। मामले में गुरुवार को दो लोगों को और गिरफ्तार किया है।
एसएचओ सुरेंद्र सिंह देगड़ा ने बताया कि गिरोह का मास्टरमाइंड जस्सूपुरा निवासी रणजीत सिंह है। वह सरकारी विभागों की मुहरें व अन्य दस्तावेज साथ रखता और किसी जान पहचान वाले की फोटो लगाकर फाइल बैंक में जमा करवा देता। बैंक अधिकारियों से मिलीभगत कर तुरंत ही मौके की तस्दीक करवाता और लोन पास हो जाता। गुरुवार को इस मामले में दुगोली निवासी मुकेश पुत्र हरफूल सांसी व चुड़ोली निवासी भागू राम पुत्र मोहनराम बलाई को गिरफ्तार किया गया है। इन दोनों ने जस्सूपुरा के लोगों के नाम से लोन उठाया था। फर्जी मुहर व दस्तावेज दुगोली का कालूराम सांसी बनाता था जो अभी फरार है।
लोन उठाने वाले को मिलते थे केवल 20 से 50 हजार
जिस व्यक्ति के नाम से लोन उठाया जाता था उसे केवल 20 से 50 हजार रुपए मिलते थे। इसके अलावा लाखों रुपए रणजीत सिंह, कालूराम व बैंक में काम करने वाले हजम कर जाते थे। जिस दिन बैंक अधिकारियों को अन्य फाइलों में मौके की तस्दीक करनी होती उसी दिन ये फर्जी मामले की फाइल लेकर साथ में जाते थे।
एक साल में एक दर्जन मामले, सबसे ज्यादा पीएनबी के : जिले में एक साल में फर्जी तरीके से लोन उठाने के करीब एक दर्जन मामले सामने आ चुके हैं। इनमें 11 मामले पीएनबी के हैं और एक मामला बीओबी का। ये मामले लोसल, दांतारामगढ़ व सीकर पीएनबी में सामने आए हैं। दांतारामगढ़ में दर्ज हुए मामलों में तो बैंक अधिकारी भी गिरफ्तार हो चुका है।