पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Saudi Arabia,return The Country, 18 Thousand Indian, Rajasthan, Hindi News

कानून ने दी राहत, सऊदी अरब से 18 हजार भारतीय लौटेंगे देश!

8 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
सीकर.सऊदी अरब में नए कानून और तीन महीने के लिए धरपकड़ में दी गई ढील के बीच 18 हजार भारतीयों ने स्वदेश लौटने के लिए अर्जी दी है। इन्होंने इमरजेंसी सर्टिफिकेट लेने के लिए भारतीय दूतावास में अपने दस्तावेज जमा कराए हैं। इनमें करीब चार हजार राजस्थानी कामगार भी बताए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि सऊदी अरब में नए कानून नीताकत के तहत उन भारतीयों कामगारों को पकड़ने का अभियान चलाया गया था, जो वीजा नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। इसके बाद अभियान में तीन महीने की राहत दी गई ताकि निश्चित प्रक्रिया के जरिए वापस लौट सकें।
सऊदी अरब में भारतीय कामगारों के सामने समस्या आने के बाद दूतावास में इमरजेंसी सर्टिफिकेट देने का काम शुरू किया गया है। यह सर्टिफिकेट उन कामगारों के लिए है, जिनके पासपोर्ट कफील (स्थानीय नियोजन कर्ता) वापस नहीं लौटा रहे हैं। इंडियन अफेयर्स मिनिस्टर वायलर रवि ने इस सिलसिले में संसद में जानकारी दी है कि अब तक 18 हजार ने आवेदन दिए हैं।
सऊदी में मौजूद भारतीयों का मानना है कि यह आंकड़ा बढ़ेगा। इस सर्टिफिकेट को पाने के लिए प्रोसेसिंग फीस 600 रुपए हैं। सऊदी अरब से सीकर के इमामदीन गौड़ व खालिद कुरैशी ने भास्कर को बताया कि इस सर्टिफिकेट के जरिए लौटने वालों का भारत में नया पासपोर्ट बन जाएगा और वापस सऊदी में नौकरी भी पा सकेंगे। सीकर के आरीफ शेख व इस्लाम चौहान के मुताबिक दस्तावेज जमा करवाने के बाद टोकन मिला है। अभी टिकट खुद को बनवाना पड़ रहा है। कहा गया है कि यदि संख्या ज्यादा हो जाती है तो भारत सरकार हवाई जहाज भेज सकता है।
नए कानून के बाद किसे परेशानी
सऊदी अरब में नए कानून के तहत केवल उन्हीं लोगों को परेशानी है जो वीजा में तय जगह के अलावा दूसरी जगह काम कर रहे हैं। राजस्थान में इसे आजाद वीजा का नाम दिया हुआ है लेकिन सऊदी में इसे अवैध माना जाता है, यानी जहां काम वीजा उसी जगह और वही काम करना होगा।
और कौन हैं सुरक्षित
कंपनी में नौकरी करने वाले या फिर किसी स्थानीय नियोजनकर्ता से मिली वीजा शर्तो पर ही काम करने वालों को डरने की जरूरत नहीं है। कंपनी में काम रहे खालिद कुरैशी का कहना है कि उन्हीं लोगों को वापस भेजा जा रहा है, जो निर्धारित वीजा के बजाय अन्य जगह काम कर रहे हैं। कंपनियों में काम की कमी नहीं है।