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70 फीसदी स्कूलों के विद्यार्थी गणित व अंग्रेजी में फेल

7 वर्ष पहले
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जिलेभर से. संबलन अभियान में सरकारी स्कूलों के बच्चों का लेवल बेहद कमजोर मिला। 160 अधिकारियों ने दो दिन तक 320 स्कूलों की जांच की। इनमें से 70 फीसदी स्कूलों के बच्चे गणित, हिंदी, अंग्रेजी में फेल हो गए। हिंदी की किताब भी नहीं पढ़ पाए। राजस्थान शिक्षा सेवा परिषद उपायुक्त नीतू बारुवाल ने सिहोट छोटी यूपीएस का निरीक्षण किया। यहां पर उन्हें बच्चे औसत मिले। डीईईओ गायत्री प्रजापत ने पीएस कालिया का जोहड़ा का निरीक्षण किया। शैक्षणिक स्तर कमजोर मिला। यहां प्रार्थना भी नहीं होती। दो शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। निरीक्षण रिपोर्ट एक-दो दिन में तैयार होने के बाद जयपुर भेजी जाएगी। जहां पर कमजोर रिजल्ट देने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई का फैसला लिया जाएगा।
नौकरी करनी है तो काम करना पड़ेगा : रैवासा. बालिका उप्रावि में कक्षा छह के बच्चों की कॉपी में एचएम की जांच रिपोर्ट नहीं होने के कारण एसएससी पिपराली अधिकारी पुष्पा भाकर ने प्रधानाध्यापिका शकुंतला यादव से मौके जवाब मांगा। प्रधानाध्यापिका स्पष्टीकरण नहीं दे पाई। भाकर ने कहा कि नौकरी करनी है तो स्कूल में शैक्षणिक माहौल बनाना होगा। श्रीमाधोपुर. डेरादूधा स्कूल के विद्यार्थी ब्लैक बोर्ड पर विद्यालय शब्द ही नहीं लिख सके। आरटीई प्रभारी विजय गुप्ता ने निरीक्षण किया था। 31 के नामाकंन में से 19 विद्यार्थी उपस्थित मिले। पांच कक्षाएं एक ही क्लास रूम में चलती मिली।
उत्तर नहीं दे पाए 7 वीं क्लास के स्टूडेंट : रींगस. राजकीय उच्च प्राथमिक संस्कृत स्कूल के सातवीं क्लास के स्टूडेंट ने किताब तो पढ़ ली, लेकिन सवालों के जवाब नहीं दे पाए। यहां आरपी रामनिवास जाट ने क्लास ली। 40 में से 21 विद्यार्थी ही मिले। स्कूल में बच्चे घर से पानी लेकर आते हैं।
आमोवाली ढाणी में किचन क्लास रूम में चल रहा था। स्कूल के प्रधानाध्यापक का तर्क था कि किचन की छत से पानी टपकता है। चूहों के बिल हो रहे हैं। डीईईओ गायत्री प्रजापत ने राउप्रावि लालसर का निरीक्षण किया। यहां दैनिक डायरी नियमित नहीं भर रहे हैं।
आगे की स्लाइड में पढ़िए प्राइवेट स्कूल की तरह हर बच्चे की बनती हैं पर्सनल फाइल।