सीकर। अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश क्रम 3 धीरेंद्र सिंह राजावत ने हत्या के मामले में पांच आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। आरोपियों पर 11-11 हजार का जुर्माना भी लगाया गया है। मामला सांवलोदा लाडखानी गांव का है।
साल 2009 में एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई थी। अपर लोक अभियोजक
किशोर कुमार सैनी ने बताया कि एक अक्टूबर 2009 को सांवलोदा लाडखानी निवासी रामेश्वर लाल पुत्र मोहनराम अपनी ढाणी के मुख्य रास्ते पर आया था। इसी दौरान उसके चचेरे भाई माधाराम पुत्र बगाराम, माधाराम के लड़के सुरेंद्र व देवेंद्र उर्फ देबूराम, भानजे सुनील भास्कर पुत्र जवाहर सिंह निवासी घस्सू व सुनील पुत्र मूलचंद ने उस पर लाठियों से हमला कर दिया था।
उसने हो हल्ला किया तो उसके परिवार के लोग दौड़कर वहां पहुंचे। आरोपी वहां से भाग निकले। परिजन रामेश्वरलाल को अस्पताल लेकर आए जहां से जयपुर रैफर किया था। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस ने इस मामले में माधाराम, सुरेंद्र, देवेंद्र उर्फ देबूराम, सुनील भास्कर व सुनील पुत्र मूलचंद को गिरफ्तार कर लिया था और सभी के खिलाफ चालान पेश किया था।
ज्यादती के मामले भी हुए थे दर्ज :
मामले में पीड़ित परिवार के खिलाफ डेढ़ साल पहले ज्यादती के मुकदमे भी दर्ज हुए थे। परिवार का आरोप है कि हत्या के मामले में दबाव बनाने के लिए ही उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज हुए थे। ज्यादती के मामले में भी रामेश्वरलाल का एक बेटा जेल में है। वह मामला कोर्ट में विचाराधीन है।