सीकर.एसके अस्पताल में लालाना निवासी सुखदेव अपने पांच वर्षीय बेटे अंकुश को गोद में लिए इधर-उधर भटकता रहा। अंकुश 29 अप्रैल को गांव में ही अज्ञात वाहन की चपेट में आने से घायल हो गया था। उसे जयपुर ले जाया गया। वहां ऑपरेशन के बाद उसे सीकर एसके अस्पताल में यह कहते हुए भेजा गया कि अब उपचार सीकर में ही हो जाएगा। छह दिन बाद वापस आना।
सुखदेव सुबह एसके अस्पताल पहुंचा लेकिन डॉक्टर एक-दूसरे के पास भेजते रहे। बाद में उसे ट्रोमा में लाया गया और भर्ती किया। सुखदेव ने बताया कि उसके बेटे के गले में पाइप लगी है, जिसकी सफाई दो घंटे से होनी चाहिए लेकिन अस्पताल में तीन घंटे तक तो भर्ती ही नहीं किया। जबकि तीन घंटे उन्हें जयपुर से यहां पहुंचने में लगे हैं।