सीकर/रैवासा. जीणमाता के दरबार में रविवार को विशेष आरती हुई। यह इसलिए कि छह फीट लंबी अगरबत्ती का उपयोग किया गया। यह अगरबत्ती
हैदराबाद में तैयार करवाई गई है। पुजारी श्यामसुंदर व शंकरलाल ने बताया कि अगरबत्ती हैदराबाद के मेहसूर से प्लेन से मंगवाई गई।
गुलाब के इत्र से बनी अगरबत्ती को बनाने में कारीगरों को पांच घंटे लगे। इसमें धुआं नहीं निकलता, केवल सुगंध ही आती है। करीब 50 घंटे तक जलती है। जय जीणमाता नाम की अगरबत्ती एसपी हैदर अली जैदी ने जलाई। इसके बाद पूरे मंदिर पांडाल में इसकी फेरी लगाई गई।
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