सीकर।जम्मू कश्मीर में सेना में बाबू रैवासा निवासी भास्कर शर्मा मोरेना पहुंच गए हैं। अपने
मोबाइल से शनिवार सुबह घर उन्होंने घरवालों को फोन किया तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। शर्मा बाढ़ में फंस गए थे।
कश्मीर के भयावह हालात के बारे में बारे में उन्होंने बताया कि पिछले शनिवार को मैं ड्यूटी कर घर आ गया। रात को करीब साढ़े नौ बजे अचानक धड़ाम की आवाजें आने लगी। बाहर निकला तो देखा कि चारों तरफ पानी ही पानी था। हमारे मकान में रहने वाले करीब 12 सदस्य छत की ओर भागे। सिर्फ 15 मिनट में ही इलाके में 18 फीट पानी भर गया। इसके बाद मैं भी छत पर चढ़ गया। कॉल करना चाहा, लेकिन फोन नहीं लगा। फिर अपने भाई पवन शर्मा को मैसेज भेजा कि श्रीनगर पूरी तरह पानी में डूब चुका है।
इसके बाद तीन दिन तक हम छत पर ही बैठे रहे।
तीन दिन बाद सेना के जवान ने हमें नाव में बैठाकर आर्मी कैंप लाए। वहां हमें खाने-पीने का सामान दिया गया। उसके बाद हैलीकॉप्टर द्वारा श्रीनगर एयरपोर्ट भेजा गया। वहां से एयरवेज द्वारा चंडीगढ़ आए। उसके बाद अपने क्षेत्र में जाने वालों को बस स्टेशन व रेलवे स्टेशनों पर छोड़ा।