(फोटो- बच्चे को पकड़ने के लिए अधिकारियों को भागना पड़ा)
सीकर। बाल अधिकारिता विभाग, मानव तस्करी सेल व बाल कल्याण समिति सहित चार एनजीओ प्रतिनिधियों की ओर से गुरुवार को शहर में स्टेट टू स्कूल अभियान चलाया गया।
अभियान के जरिए उन बच्चों की पहचान की गई, जो बेसहारा हैं या फिर किसी न किसी बालश्रम से जुड़े हुए हैं। इस दौरान कुल आठ बच्चों को पकड़ कर गाड़ी में बैठाया गया लेकिन जब गाड़ी में जगह कम पड़ी तो इन्हें सुरक्षा के लिहाज से एक बार कहीं छोड़ने के लिए कोतवाली ले जाना पड़ा। इतनी छोटी उम्र के बच्चों को कोतवाली में देखकर वहां मौजूद पुलिसकर्मी चौंक गए। उन्होंने बच्चों को वापस ले जाने की बात कही। इसके बाद बच्चों को वापस गाड़ी में बिठाकर इन्हें किशोर गृह छुड़वाया गया। कोतवाली में बच्चे पांच मिनट ही रुके होंगे लेकिन इतने सारे पुलिसकर्मी देखकर वे भी कुछ समय के लिए सहम गए।
बाल अधिकारिता विभाग की सहायक निदेशक गार्गी शर्मा ने बताया कि बच्चों के अभिभावकों को बुलाकर उनसे शपथ पत्र लेकर पाबंद किया जाएगा कि भविष्य में उनसे बाल मजदूरी नहीं कराएंगे और भीख न मंगवाकर इन्हें नियमित स्कूल भेजेंगे। जिनकी विभागीय स्तर पर मॉनिटरिंग भी की जाएगी। जिन बच्चों के माता-पिता नहीं हैं, उन्हें किशोर गृह में रखकर शिक्षा से जोड़ा जाएगा। इनके खाने पीने से लेकर सारी सुविधाएं सरकारी स्तर पर जुटाई जाएंगी। बच्चों को कोतवाली ले जाने के मामले में सहायक निदेशक का कहना है कि वैन में जगह कम थी। सुरक्षा की दृष्टि से बच्चों को कोतवाली ले गए थे। हालांकि बाद में बच्चोें को वहां छोड़ा नहीं, किशोर गृह भिजवा दिया। अभियान के दौरान मानस तस्करी सेल के एएसआई भवानी सिंह शेखावत, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष रामप्रसाद शर्मा, दशरथ मनोविकास संस्थान के सचिव धर्मेंद्र शर्मा, विपिन कल्याण परिषद के सचिव अभिषेक माथुर, परमार्थ सेवा समिति के सचिव महेंद्र शर्मा सहित कस्तूरबा सेवा संस्थान के प्रतिनिधि संजय शर्मा मौजूद थे।
भाग-भाग कर पकड़ा बच्चों को : अभियान के दौरान बच्चों को पकड़ने के लिए पदाधिकारियों को दौड़ लगानी पड़ी। मांग कर खाने वाले बच्चे गाड़ी को देखकर ही गलियों में भाग छूटे। जिन्हें बाद में मुश्किल से पकड़ा गया। एक बच्चा हरदयाल स्कूल के सामने से दो बच्चे मोहल्ला कुरेशियान से व पांच बाल श्रमिकों को सांवली रोड स्थित बायस्कोप मॉल के अंदर से बरामद किया गया। बच्चों को पकड़ने के दौरान गली मोहल्लों में लोगों की भीड़ जमा हो गई।
ब्रिज कोर्स के बाद बच्चों का होगा स्कूल में नामांकन : अभियान के जरिए पदाधिकारियों की टीम श्री करणी अनौपचारिक प्राथमिक विद्यालय बंजारा बस्ती में पहुंची। यहां पढ़ने वाले बच्चों के बारे में निर्णय लिया गया कि तीन महीने के ब्रिज कोर्स के बाद इनका नामांकन हरदयाल स्कूल में कराया जाएगा। सर्व शिक्षा अभियान के एपीसी दिनेश पुरोहित ने बताया कि प्रशासन से अनुमति लेकर इनके मिडडे मील की व्यवस्था भी यहीं कराई जाएगी। जबकि दशरथ मनोविकास संस्थान के सचिव धर्मेंद्र शर्मा के अनुसार यहां पढ़ने वाले परेश को संस्थान में पढ़ाई के लिए दिन में रखा जाएगा। शाम को गाड़ी से वापस बस्ती में छोड़ा जाएगा। वहीं भीमा को पुनर्वास के लिए संस्थान में ही रखा जाएगा।
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