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जिस पार्टी का प्रधान, उपप्रधान भी उसी का, नहीं हुआ कोई उलटफेर

6 वर्ष पहले
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सीकर। जिले में रविवार को हुए उपप्रधानों के चुनावों के नतीजे भी प्रधानों की तर्ज पर ही आए। किसी भी जगह कोई नया उलटफेर नहीं हो पाया। धोद में कांग्रेस, भाजपा व निर्दलीयों ने मिलकर फिर से माकपा को हरा दिया। उधर, फतेहपुर में भाजपा उपप्रधान बनाने में भी कामयाब हो गई। चार पंचायत समितियों में कांग्रेस और चार में भाजपा उपप्रधान बनाने में कामयाब रही। एक सीट फिर से निर्दलीय के खाते में चली गई।
फतेहपुर| भाजपा की सुभीता बनीं उपप्रधानयहां भाजपा की सुभीता उपप्रधान चुनी गई। कांग्रेस में प्रधान को लेकर शुरू हुई बगावत उपप्रधान में भी जारी रही। उपप्रधान के चुनाव में भाजपा की सुभीता ने कांग्रेस की तंजीला बानो को सात वोटों से हराया। सुभीता को 15 तो तंजिला को आठ वोट मिल पाए। निर्दलीय प्रत्याशी कौशल्या को चार वोट मिले। प्रधान के चुनाव में 12 वोट लेने वाली कांग्रेस को उपप्रधान के लिए आठ ही वोट मिले। भाजपा की
तरफ से भी उपप्रधान के लिए दो प्रत्याशियों सुभिता व विकास भास्कर ने नामांकन
दाखिल किए थे। कांग्रेस के तौफिक खान व तंजीला ने नामांकन भरे। एक निर्दलीय कौशल्या ने नामांकन दाखिल किया था, जिसे चार वोट ही मिल पाए। कांग्रेस ने निर्दलीय जीत कर आई तंजिला को अपना उम्मीदवार बनाया था।
खंडेला भाजपा की भाग्यश्री दो वोट से जीतीं
यहां भाजपा की भाग्यश्री उपप्रधान चुनी गई। उन्होंने कांग्रेस की सुनीता को दो वोटों से हराया। रिटर्निंग अधिकारी राजवीर सिंह चौधरी ने बताया कि भाग्यश्री को 14 व सुनीता को 12 वोट मिले। माकपा के सदस्य ने उपप्रधान के लिए भी वोट नहीं डाला। भाग्यश्री पंचायत समिति सदस्य का चुनाव निर्दलीय जीत कर आई थी। उन्होंने प्रधान के लिए इसी शर्त पर भाजपा को समर्थन दिया था कि उसे उपप्रधान बनाया जाएगा। भाजपा यहां बहुमत से एक सीट दूर थी और निर्दलीय के सहयोग से ही उसे प्रधान के चुनाव में 14 वोट मिल पाए थे। भाग्यश्री अभी पढ़ाई कर रही हैं।
धोद निर्दलीय आनंद कंवर को मिली जीत
यहां निर्दलीय आनंद कंवर उपप्रधान चुनी गई। यहां माकपा को हराने के लिए कांग्रेस-भाजपा व निर्दलीयों ने फिर से एकजुटता दिखाई। प्रधान के चुनाव में भी दोनों पार्टियों व तीन निर्दलीयों ने एक साथ होकर वोट डाले थे और 14 वोट लेकर माकपा को हराया था। माकपा 11 सीटों के साथ यहां सबसे बड़ी पार्टी थी, लेकिन छह सीट जीतने वाली भाजपा, पांच सीटों वाली कांग्रेस व तीन निर्दलीयों ने माकपा का गणित बिगाड़ दिया। उपप्रधान के लिए भी उन्होंने 14 वोट एक साथ डाले। माकपा ने अमरदीप को उपप्रधान पद का उम्मीदवार बनाया था, लेकिन उन्हें पार्टी के 11 वोट ही मिल पाए।
पिपराली कांग्रेस के ओमप्रकाश मूंड रहे विजयी
यहां कांग्रेस के ओमप्रकाश मूंड उपप्रधान चुने गए। यहां 13 सीटें जीतने वाली कांग्रेस ने एक निर्दलीय के समर्थन से प्रधान के लिए भी 14 वोट डाले थे। उपप्रधान ओमप्रकाश मूंड को भी सभी 14 वोट मिल गए। भाजपा ने गजानंद वर्मा को प्रत्याशी बनाया था। उन्हें 11 वोट ही मिल पाए। ओमप्रकाश मूंड को पूर्व मंत्री राजेंद्र पारीक के करीबी होने का फायदा मिला मिला। मूंड लंबे समय से राजनीति में सक्रिय हैं।
पाटन भाजपा की सुलक्षणा
के हिस्से आई जीत
भाजपा की सुलक्षणा यादव निर्वाचित हुई। नामांकन प्रक्रिया में भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशियों के अलावा निर्दलीय जयराम सिंह ने भी फाॅर्म लिया था, लेकिन उन्हें प्रस्तावक नहीं मिलने के कारण नामांकन दाखिल नहीं कर पाए। भाजपा की सुलक्षणा ने कांग्रेस की कृष्णा को दो वोट से हराया। सुलक्षणा को दस और कृष्णा को आठ वोट मिले। एक वोट नोटा पर डाला गया।
नीमकाथाना | कांग्रेस के मांडिया तीन वोट से जीते
यहां कांग्रेस के महेन्द्र मांडिया उप प्रधान चुने गए। मांडिया ने भाजपा के भूप सिंह को तीन वोटों से हराया। मांडिया को 18 और भूपसिंह को 15 वोट मिले। प्रधान के चुनाव में कांग्रेस में क्रॉस वोटिंग हो गई थी लेकिन उप प्रधान में ऐसा नहीं हुआ और पार्टी के सभी 18 सदस्यों ने एक साथ वोट डाले। मतदान के दौरान उपप्रधान
कांग्रेस के मांडिया तीन वोट से जीतेके दोनों प्रत्याशियों के बीच बहस व खींचतान हुई। मतदान कक्ष में हुए विवाद पर एसडीएम व एएसपी ने बीच-बचाव किया। करीब पांच मिनट तक चली खींचतान से माहौल गरमा गया। प्रधान के चुनाव में क्राॅस वोटिंग के बाद कांग्रेस ने खासी सतर्कता दिखाई। भाजपा ने उप प्रधान के लिए नया दांव खेला था और निर्दलीय चुनाव जीतने वाले भूप सिंह को उम्मीदवार बनाया, लेकिन दांव सफल नहीं हुआ।
्रीमाधोपुर | कांग्रेस की सुमन बनीं उपप्रधान
कांग्रेस की सुमन देवी उपप्रधान चुनी गई। उन्होंने भाजपा के प्रत्याशी घनश्याम को सात वोटों से हराया। आरओ अनुपम कायल ने बताया कि कांग्रेस की सुमन को 16 और भाजपा के घनश्याम को नौ वोट मिले। सुमन को सात मतों से विजय घोषित किया गया। सुमन के शपथ ग्रहण करने के बाद पूर्व विधान सभाध्यक्ष दीपेंद्र सिंह शेखावत की मौजूदगी में नवनिर्वाचित प्रधान भागीरथ मल यादव को पद ग्रहण कराया गया। इस दौरान समर्थकों ने मिठाई बांट कर एक दूसरे को बधाई दी। कार्यक्रम में अनेक ग्रामीणों सहित कई जनप्रतिनिधि व समर्थक मौजूद रहे।
दांतारामगढ़ भाजपा के बसंत के सिर बंधा जीत का सेहरा
भाजपा के बसंत कुमावत उपप्रधान चुने गए। भाजपा के बसंत कुमावत, कांग्रेस से उर्मिला कंवर व निर्दलीय सुभाष ने नामांकन दाखिल किए थे। बसंत कुमावत 17 वोट हासिल कर उपप्रधान बने। कांग्रेस की उर्मिला कंवर को 13 वोट मिले। निर्दलीय सुभाष को एक भी वोट नहीं मिला। जीत के बाद प्रधान अशोक जाखड़ व उपप्रधान बसंत कुमावत का जुलूस निकाला।