सीकर. सेना भर्ती के लिए टोकन वितरण में शनिवार को धोद तहसील में अभ्यर्थियों ने हंगामा खड़ा कर दिया। टोकन नहीं देने से नाराज अभ्यर्थियों ने धोद तहसील पर ताला जड़ दिया और नारेबाजी करने लगे। कर्मचारियों ने इसकी सूचना एसडीएम को दी। उन्होंने पुलिस जाब्ता भेजा।
कुछ देर में एसडीएम भागीरथ सिंह भी वहां पहुंच गए। पुलिस ने अभ्यर्थियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन अभ्यर्थी नहीं माने। उनका आरोप था कि निर्धारित दस्तावेज नहीं होने के बाद उन्हें टोकन नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने तहसील के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। पुलिस की सूचना पर कुछ अभ्यर्थी वहां से चले गए। पुलिस को गेट पर लगाए ताले की चाबी नहीं मिली तो पत्थर से ताला तोड़ा।
अभ्यर्थियों के आरोप
दसवीं में 45 फीसदी मार्क्स वाले युवाओं को टोकन देना जरूरी है। जबकि जिन्होंने 12वीं पास कर रखी है, उनके लिए दसवीं के मार्क्स की बाध्यता नहीं रह जाती। सेना भर्ती की गाइडलाइन के बाद भी उन्हें टोकन नहीं दिया गया। इसके अलावा आर्ट्स वाले युवाओं को भी क्लर्क पद की भर्ती के लिए टोकन नहीं दिया गया। इस कारण हंगामा बढ़ा।
सप्लीमेंट्री वाले को नहीं देंगे टोकन
एसडीएम भागीरथ सिंह ने बताया कि एक लड़के के सप्लीमेंट्री थी। इसलिए उसे टोकन नहीं दिया गया। इस पर उसने अभ्यर्थियों के साथ मिलकर हंगामा खड़ा कर दिया था। सूचना के बाद पुलिस को भेजा गया था। अभ्यर्थियों को समझाइश कराकर मामला शांत करा दिया गया।
दूसरे दिन 4326 अभ्यर्थियों को वितरण
सबसे ज्यादा दांतारामगढ़ में सेना भर्ती के लिए टोकन वितरण के दूसरे दिन शनिवार को जिलेभर में 4326 टोकन वितरित हुए। प्रशासन के अनुसार, दांतारामगढ़ में सबसे ज्यादा टोकन वितरित हुए।
यहां पर इतने
सीकर में 293, लक्ष्मणगढ़ में 692, फतेहपुर में 178, दांतारामगढ़ में 1089, श्रीमाधोपुर में 532, नीमकाथाना में 519, खंडेला में 454, रामगढ़ शेखावाटी में 112, धोद में 454।
आज भी बंटेंगे टोकन : रविवार को तहसीलों पर टोकन बांटे जाएंगे। पांच अक्टूबर तक टोकन वितरण का काम जारी रहेगा।
नीमकाथाना में लड़कियों ने कहा-सेना भर्ती के लिए टोकन हमें भी दो
नीमकाथाना की बेटियां भी सेना में जाना चाहती हैं। इसलिए उन्होंने प्रशासन से टोकन मांगे। कई बेटियां तहसील पर टोकन मांगने पहुंची लेकिन कार्मिकों ने नियमों का हवाला देते हुए उन्हें टोकन देने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने सीकर कंट्रोल रूम में इसकी शिकायत की।
कंट्रोल रूम में बताया गया कि सेना भर्ती दौड़ में सिर्फ पुरुष शामिल हो सकते हैं। इस पर लड़कियों ने कहा कि सेना भर्ती के लिए छपवाए गए पोस्टर में इसका जिक्र नहीं किया गया है। हालांकि प्रशासन ने अपनी मजबूरियां बताते हुए इस मामले से पल्ला झाड़ लिया है।