सीकर। जलदाय विभाग ने नई वाटर पॉलिसी बनाई है। महीने का 15 हजार लीटर से ज्यादा पानी का उपयोग करने पर प्रति एक हजार लीटर पर दो रुपए चार्ज वसूला जाएगा। इसके लिए आरयूआईडीपी घर-घर में मीटर लगा रही है। शहर में अब तक पांच हजार मीटर लगाए जा चुके हैं। पूरे शहर में 27 हजार मीटर लगाए जाने हैं। बाहरी इलाके छह हजार उपभोक्ताओं को बाद में इस योजना के दायरे में लाया जाएगा। वहीं 15 हजार लीटर तक का 30 रुपए महीने का स्थाई शुल्क तय किया है। मीटर आरयूआईडीपी लगा रही है, लेकिन पेयजल वितरण, मीटर रीडिंग और बिल वितरण का जिम्मेदारी जलदाय विभाग के पास रहेगी। आरयूआईडीपी व जलदाय विभाग के अफसरों का तर्क है कि गिरते भू जल स्तर और पेयजल बचत के मकसद से यह योजना शुरू की जा रही है।
नहीं रख सकेंगे दोहरे कनेक्शन : मीटर लगाए जाने के बाद जलदाय विभाग डोर टू डोर सर्वे कर अवैध कनेक्शनों पर रोक लगाएगा। इसके साथ ही पानी के लीकेज का भी पता लगाया जा सकेगा कि किस इलाके में दोहरे कनेक्शन से पानी की चोरी की जा रही है। इस पर नियंत्रण किया जा सकेगा।
छोटे परिवारों को होगा फायदा : शहर में ऐसे परिवार जो हर महीना 15 हजार लीटर तक पानी की खपत करते हैं, उन्हें मीटर रीडिंग बिल से फायदा होगा। क्योंकि 15 हजार लीटर तक का पैसा सभी उपभोक्ताओं को देना होगा। इसके लिए दो रुपए प्रति एक हजार लीटर पैसा वसूला जाएगा। ऐसे में छोटे परिवारों का बिल 30 रुपए तक आएगा। जबकि फिलहाल इन परिवारों को फ्लैट रेट के आधार पर 58 से 82 रुपए तक देने पड़ रहे हैं।
सामान्य परिवार : 31 की बजाय 30 रुपए का बिल : पांच सदस्यों वाला मध्यम वर्गीय परिवार पांच सौ लीटर प्रतिदिन के हिसाब से महीने में 15 हजार लीटर पानी की खपत करता है। ऐसे में इन्हें मीटर रीडिंग से 30 रुपए का बिल देना होगा। हर दो महीने से 62 रुपए का बिल भर रहे हैं।
बड़ा परिवार : 31 की बजाय हर देने होंगे 150 रुपए : 15 सदस्य वाला हाई प्रोफाइल परिवार ढाई हजार लीटर प्रतिदिन के हिसाब से महीने में 75 हजार लीटर पानी की खपत करता है। दो रुपए प्रति एक हजार लीटर के हिसाब 175 रुपए का बिल चुकाना होगा। जबकि फिलहाल ऐसे परिवार दो महीने से फिक्स 62 रुपए का बिल भर रहे हैं।
'वाटर मीटर लगाए जा रहे हैं। जनवरी तक सभी मीटर लगाने का टारगेट है। जैसे-जैसे मीटर लगाने का काम हो रहा है। उसी हिसाब से जलदाय विभाग को हैंड ओवर करने की प्रकिया भी चल रही है।' -एसके बेनीवाल, एक्सईएन, आरयूआईडीपी
'मीटर लगाने का काम आरयूआईडीपी कर रही है। मीटर हैंडओवर होने के कारण मीटर रीडिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसके आधार पर ही बिल भेजे जाएंगे।' -गुलाम रसूल, एईएन, पीएचईडी