कोटड़ा. क्षेत्र के रुजिया खुणा गांव स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल में पोषाहार के दौरान 45 दिन से एक ही सब्जी देने का विरोध करने पर 11 छात्रों को कमरे में बंद कर पिटाई करने की शिकायत बीईओ से की गई। इस पर बीईओ ने खुद स्कूल में जाकर जांच की तो तीन अध्यापकों के बयान में घटना की पुष्टि हुई है। आरोपी अध्यापक के बयान नहीं होने से कार्रवाई नहीं की जा सकी है।
पूर्व सरपंच की शिकायत पर जांच करने पहुंचे बीईओ को बच्चों ने बताया कि स्कूल में मिड-डे-मिल के तहत बनने वाले भोजन मीनू के आधार पर नहीं होता। 45 दिन से बच्चों को आलू की सब्जी ही दी जा रही है। इसके अलावा स्कूल में 218 बच्चों का नामांकन है, जिनके लिए बनने वाले पोषाहार में एक दाल व इसके अलावा स्कूल में कुल 218 बच्चों का नामांकन है इसके अनुपात में पोषाहार सामग्री नहीं मिलने से सब्जी खाने लायक नहीं होती।
बच्चों ने जब इसका विरोध किया तो प्रधानाध्यापक गजेंद्रसिंह चौहान ने स्कूल के हरिशचंद्र, दिनेश कटेरिया, सुरेश, कुलदीप, नारायण, लीला, दिवाली, सोना, तीजकी, रेखा, दीताराम को कमरे में बंद कर उनके साथ मारपीट की। साथ ही आगे विरोध करने या किसी से शिकायत करने पर कड़ी सजा की धमकी दी। मामले की जानकारी पूर्व सरपंच गुलाब राम को हुई तो उन्होंने बीईईओ पवन कुमार रावल को इसकी रिपोर्ट दी। इस पर बीईईओ रावल गुरुवार को स्कूल पहुंचे। यहां आरोपी प्रधानाध्यापक के नहीं मिलने से उसके बयान नहीं लिए जा सके। वहीं शेष अध्यापकों के बयान में घटना की पुष्टि हुई है।
सामग्री पूरी नहीं, भोजन खाने योग्य नहीं
बच्चों को पिछले 45 दिनों से आलू की सब्जी खिलाई जा रही है। इसके अलावा सामग्री पूरी नहीं होने से भोजन खाने योग्य नहीं होने की जानकारी मिली थी। साथ ही विरोध करने वाले बच्चों की पिटाई किए जाने की बात पता चली तो कार्रवाई के लिए बीईईओ को रिपोर्ट दी थी।
-गुलाबराम, पूर्व सरपंच, खजूरिया
मैं रुजिया खुणा स्कूल में जांच करने गया था। स्कूल प्रभारी गजेंद्र सिंह पर लगे सभी आरोपी की पुष्टि हुई है। स्कूल में आरोपी अध्यापक के अलावा अन्य तीनों स्टाफ के बयान में सामने आया कि 13 सितंबर को बच्चों के साथ मारपीट की गई थी। वहां गजेंद्रसिंह नहीं मिला जिससे उसके बयान नहीं लिए जा सके। उसे कार्यालय में तलब किया है, उसके बयान लेने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
-पवन कुमार रावल, बीईईओ, कोटड़ा
(प्रतीकात्मक चित्र)